केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने महिलाओं के साथ हुए अपराधों में कड़े कानूनों की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में आरोपित राजनेताओं पर मुकदमा चलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले संसदीय सत्र में बलात्कार विरोधी कानून में संशोधन का मामला सबसे पहले रखा जाएगा।
राजनेताओं के खिलाफ बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराधों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में होनी चाहिए ताकि छह माह के भीतर फैसला सुनाया जा सके। इसके लिए कानून में परिवर्तन किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर सभी पार्टियों में आम सहमति बननी चाहिए क्योंकि यह किसी एक पार्टी या नेता से संबंधित नहीं है। पूर्व व वर्तमान सांसदों-विधायकों से लेकर पार्षदों तक को इसके दायरे में रखना चाहिए। इस कदम से संसदीय लोकतंत्र व नेताओं को लेकर हो रही नकारात्मक बातों को रोका जा सकेगा।