टप्पल टाउनशिप के लिए जमीन न देने वाले किसानों को उनकी जमीनें वापस कर दी जाएंगी। यह सहमति किसानों के साथ लखनऊ में बुधवार को हुई बैठक में विशेष सचिव औद्योगिक विकास आयुक्त कौशल किशोर ने दी। दूसरी ओर किसान मांगों के समर्थन में गुरुवार को टप्पल में अनशन और धरना प्रदर्शन करने पर अडिग हैं। इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। एसपी (ग्रामीण) और एडीएम (प्रशासन) वहां पर फोर्स के साथ मौजूद रहेंगे।
हाईकोर्ट ने किसानों की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को 60 दिन के अंदर मामला निस्तारित करने का निर्देश दिया है। उसी निर्देश पर किसानों ने तीन महीने पहले प्रत्यावेदन दिया था। जिस पर किसानों के साथ बुधवार को वार्ता हुई। इससे पहले हाईकोर्ट ने इस मामले में यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
सुनवाई के दौरान किसानों ने लिखित में एक प्रत्यावेदन भी दिया है, जिसमें यह उल्लेख किया है कि 2010 में निवर्तमान डीएम ने एक समझौता किया था। उसी के अनुसार, किसानों को फसल का मुआवजा प्रदान करने के आदेश हुए थे। पिछले साल खेत खाली रहे, लेकिन उनको फसल का मुआवजा नहीं मिला। किसानों ने फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही जल्द से जल्द जमीन को मुक्त कराने का अनुरोध भी किया है।