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सीने को कैसे चीर गई रबर की गोली?

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युपी में मुरादनगर नहर पर पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष में भले ही पुलिस के आला अधिकारी रबर बुलेट से गोली चलने की बात कह रह हों। लेकिन अस्पतालों में कराह रहे किसान पिस्टल और अन्य हथियारों से गोली चलाना बता रहे हैं। जिस किसान को आंनद अस्पताल में भर्ती कराया गया है उसे यदि रबर बुलेट लगी है तो फिर उसके सीने में गोली पार कैसे हो गई। सिटी हॉस्पिटल में घायल किसान की कमर से भी ऑपरेशन करके गोली निकालना बताया गया है।
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भाजपा के किसान मोर्चा के महानगर अध्यक्ष चौधरी वीरपाल रोहटा का कहना है कि वह किसानों के साथ बस लेकर मुरादनगर नहर पर गये थे। वहां पुलिस ने किसानों पर इस तरह गोलियां चलाई कि मानों पुलिस को किसान नहीं बल्कि आतंकी दिखाई दे रहे थे। वीरपाल ने बताया कि उनके गांव के रहने वाले अनिल चौधरी को रबर बुलेट नहीं बल्कि पुलिस की पिस्टल से गोली लगी है जो लगने के बाद पार हो गई थी। आनंद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं सिटी हॉस्पिटल में भर्ती सोहराब ग्यास ने बताया कि पहले तो उसे पुलिस ने गिरा गिरा पीटा गया, बाद में जब वह जान बचाकर भागा तो उस पर पिस्टल से गोली चलाई।

घायल किसान ने रात में बताया कि डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन करके शरीर में धंसी हुई पिस्टल की गोली निकाली है। घायल किसानों के साथ अस्पताल में मौजूद अन्य किसानों की मानें तो पुलिस ने किसानों पर पूरी तरह से बर्बरता की हदें पार करते हुए लाठीचार्ज और गोलियां दागी हैं। अब पुलिस अपने बचाव में रबर बुलेट की गोली लगने की बात कह रही है।
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बवाल पर आमादा प्रदर्शनकारियों ने बिगाड़ा माहौल: आईजी

मेरठ जोन के आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि मुरादनगर में प्रदर्शनकारियों ने बवाल किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो पथराव और अवैध असलहों से फायरिंग की गई। जवाब में पुलिस ने पानी की बौछार की और टीयर गैस का इस्तेमाल करने के बाद रबर बुलेट से फायरिंग की।

बृहस्पतिवार दोपहर आईजी आलोक शर्मा और डीआईजी के. सत्यनारायणा भी मुरादनगर में घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने भी प्रदर्शनकारी किसानों को समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास किया। आईजी ने बताया कि तमाम प्रयास के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए तथा जल निगम की संपत्ति में तोड़फोड़ की। पुलिस ने विरोध किया पुलिस पर ही पथराव और फायरिंग कर दी। इसके बाद ही पुलिस ने पानी की बौछार की। प्रदर्शनकारी फिर भी नहीं हटे, तो टीयर गैस (आंसू गैस के गोले) का इस्तेमाल किया और फिर रबर बुलेट से फायरिंग की गई।

आईजी जोन ने बताया कि मुरादनगर में आरोपी सैकड़ों लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया जा रहा है। एक केस पुलिस की तरफ से, दूसरा जल निगम की तरफ से दर्ज होगा। आईजी ने कहा कि कानून तोड़ने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। आई जी ने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक बुलेट भी शरीर के पार हो सकती है, यहां तक कि किसी की मौत तक भी हो सकती है। उन्होंने किसानों के आरोपों को गलत बताया। उधर, डीआईजी के सत्यनारायणा ने बताया कि जब मैं मौके पर पहुंचा तो फायरिंग और पथराव हो रहा था। अपने प्रयासों से मैंने फायरिंग को रूकवाया। फायरिंग किन कारणों और किसके आदेश पर हुई इसके लिए गाजियाबाद पुलिस प्रशासन बेहतर बता सकता है।
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