मेरठ में भ्रष्ट तंत्र के कारण ढाई दशक से परेशान गांव याहियापुर निवासी किसान के बेटे ने आत्महत्या कर ली। किसान ने 1985 में ट्यूबवेल लगाने के लिए ऋण लिया था। समय पर ऋण अदा न होने पर किसान की जमीन नीलाम कर दी गई थी।
इसके चलते किसान और उसके पूरे परिवार ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। किसान की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है।
गांव याहियापुर निवासी किसान चंदन सिंह के बेटे गुरतार सिंह ने सोमवार को खेत में जाकर बिजली का तार पकड़ कर आत्महत्या कर ली। सूचना पर झिंझाना थाना और ऊन चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने गुरतार (26) के शव का पंचनामा भरना चाहा, लेकिन परिजनों ने विरोध कर पंचनामा नहीं भरने दिया। इसके बाद एसडीएम ऊन रामअवतार गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान के परिजनों को समझाना चाहा, लेकिन कोई टस से मस नहीं हुआ।
इस पर एसडीएम भी लौट आए। एसडीएम ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कहा कि कल भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के आने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।