फर्जी शैक्षिक संस्थान व डिग्री के मामले तो बहुत सुने, लेकिन अब खुलासा हुआ है फर्जी शिक्षा बोर्ड का। इसे देख जांच एजेंसी सीबीसीआईडी भी दंग रह गई है। जांच में पता चला है कि यह बोर्ड उत्तराखंड समेत कई राज्यों में 34 स्कूल संचालित करके छात्रों को फर्जी डिग्री बांट रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजूकेशन नामक इस फर्जी बोर्ड का दिल्ली के बुराड़ी बाजार स्थित शनि बाजार में प्रधान कार्यालय दर्शाया गया, लेकिन जांच एजेंसी को वहां पर न भवन मिला और न ही बोर्ड। वहीं इसके क्षेत्रीय कार्यालय यूपी के प्रतापगढ़ स्थित माधोगंज, बदायूं और गुजरात के राजकोट में बताए गए, लेकिन मौका मुआयना में वह भी लापता मिले। बोर्ड संचालक इतने शातिर हैं कि दूसरे के नाम से मानव संसाधन विकास मंत्रालय में आरटीआई डालकर फर्जी तरीके से सूचना प्राप्त कर दर्शा दिया कि बोर्ड मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है।
जांच के दौरान मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उप सचिव पीएन धीर ने ऐसे किसी भी बोर्ड को रजिस्टर्ड करने या मान्यता देने और आरटीआई के तहत पूर्व में कोई सूचना नहीं दिए जाने की जानकारी जांच एजेंसी को दी है। जांच में पाया गया कि इस बोर्ड के देश में 34 स्कूल हैं। यूपी, गुजरात, उत्तराखंड व हिमाचल में ये स्कूल बच्चों को फर्जी डिग्री बांट रहे हैं। इसमें गौतम बुद्ध सीनियर सेकेंडरी स्कूल हर्रावाला और यूएसटी जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल यूएसनगर भी शामिल है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
पिछले साल पीएचक्यू में तैनात कांति बल्लभ शर्मा का बीमारी के कारण निधन हो गया तो उनके पुत्र रमेश शर्मा ने मृतक आश्रित कोटे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया। आवेदन के साथ इसी बोर्ड से मिली हाई स्कूल की मार्कशीट व सनद संलग्न की। सत्यापन के दौरान मार्कशीट व सनद की प्रति संदिग्ध पाई गई। इसके बाद सीबीसीआईडी ने जांच शुरू की।
हां, जांच के बाद फर्जी शिक्षा बोर्ड पकड़ा है। अन्य प्रदेशों में बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों के मामले में कार्रवाई के लिए वहां के प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को लिखा जा रहा है। जल्द कार्रवाई होगी।
-बीएस सिद्धू, एडीजी सीबीसीआईडी