महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को नौकरी और शैक्षणिक संस्थानों में 16 फीसदी आरक्षण पर मुंबई हाईकोर्ट के अंतरिम रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है।
राज्य सरकार ने जून में अध्यादेश के जरिए मराठा समुदाय को मिल रहे आरक्षण को जारी रखने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाईकोर्ट में पांच जनवरी से इस मामले में अंतिम जिरह शुरू हो जाएगी। लिहाजा इसमें हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं बनता। हालांकि पीठ ने कहा कि वह हाईकोर्ट से इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए कहेगी। शीर्ष अदालत का यह रुख फडणवीस सरकार के लिए झटका है।
मालूम हो कि जून में कांग्रेस एवं एनसीपी की सरकार ने नौकरी और शिक्षण संस्थानों में मराठा समुदाय के लोगों को 16 फीसदी और मुस्लिमों को पांच फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया था। फडणवीस सरकार भी मराठों को आरक्षण देने के पक्ष में है। लिहाजा राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।