मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ फेसबुक पर कथित ‘अभद्र’ टिप्पणी करने वाले सुनील विश्वकर्मा को ठाणे जिले की पालघर पुलिस ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति अथवा व्यक्तियों ने सुनील विश्वकर्मा के नाम पर ‘फर्जी अकाउंट’ का इस्तेमाल किया।
सुनील विश्वकर्मा (18 वर्ष) पर आरोप लगा था कि उसने राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का प्रयोग किया था। पालघर वही जगह है, जहां फेसबुक पर बाल ठाकरे पर टिप्पणी करने की वजह से दो लड़कियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी पर विवाद होने के बाद मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
इस बीच, एमएनएस की ठाणे ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष कुंदन शंखे ने दावा किया कि सुनील ने राज ठाकरे और महिलाओं समेत महाराष्ट्र के लोगों के खिलाफ ‘अभद्र’ टिप्पणी की। बीती देर रात ठाणे के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एस. निशानदार ने बताया कि जांच के मुताबिक कुछ अज्ञात लोगों ने सुनील विश्वकर्मा के नाम पर फर्जी अकाउंट तैयार किया और ठाकरे के नाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। विश्वकर्मा ने सोमवार को आखिरी बार फेसबुक अकाउंट एक्सेस किया था लेकिन यह टिप्पणी अगले दिन पोस्ट की गई।
सुनील के भाई रामजी विश्वकर्मा ने बताया कि ‘मेरा भाई निर्दोष है। उसने मुझे बताया कि उसका अकांउट शायद हैक हुआ हो और उसमें आपत्तिजनक कमेंट डाल दिए गए हों।’ रामजी ने कहा कि जब मनसे कार्यकर्ताओं ने सुनील का रूख किया और आरोप लगाया कि उसके फेसबुक अकाउंट में राज ठाकरे के खिलाफ कमेंट हैं तो उसने काफी सहयोग किया।