नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत भाजपा के कई नेताओं ने चंद दिनों पहले तक दावा किया था कि लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी।
लेकिन अंतिम चरण के चुनाव के ठीक बाद आए एग्जिट पोल की मानें तो नतीजों के बाद इन दावों पर पानी भी फिर सकता है। न्यूज 24-चाणक्य के सर्वेक्षण को छोड़ किसी भी एग्जिट पोल में राजग को 300 के आस-पास भी नहीं रखा गया है।
अधिकांश सर्वेक्षणों में राजग को 249 से 281 सीटें तक दी जा रही हैं। ये आंकड़ें बहुमत की 272 सीटों के इर्द गिर्द ही हैं, लेकिन एजेंसियां फेरबदल की आशंका से इनकार नहीं कर रही हैं।
16 मई को नतीजे आने के बाद यदि राजग की संख्या 272 से कम ठहरती है, तब भाजपा नेताओं के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है।
क्या हैं एग्जिट पोल के नतीजें
चुनाव बाद आए एग्जिट पोल में भाजपानीत राजग गठबंधन को सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरता हुआ बताया जा रहा है। एबीपी न्यूज के सर्वेक्षण में राजग को 281 सीटें दी गई हैं।
एजेंसी ने कांग्रेसनीत यूपीए को 97 सीटें दी हैं। अन्य दलों को 161 और आम आदमी पार्टी को चार सीटें दी गई हैं। टाइम्स नाऊ के सर्वे में राजग को 249 सीटें दी गई हैं, जबकि यूपीए को 148 और अन्य दलों को 146 सीटें दी गई हैं।
इंडिया टूडे/सिसेरो के सर्वे में राजग को 261 से 283 सीटें मिलने की संभवाना जताई गई हैं। यूपीए को 110 से 120 सीटें और अन्य दलों को 150 से 162 सीटें दी गई हैं।
न्यूज 24/चाणक्य के सर्वे में आश्चर्यजनक ढंग से भजापा को 291 और राजग को 340 सीटें दी गई हैं, जो भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण के आंकड़ों से भी ज्यादा है। न्यूज 24/चाणक्य के सर्वे में यूपीए को मात्र 57 सीटें दी गई हैं।
क्या अन्य सहयोगियों की जरूरत पड़ेगी?
लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे यदि सही साबित हो गए तो प्रधानमंत्री पद पर नरेंद्र मोदी की ताजपोशी तय है, इसके लिए भाजपा को अन्य सहयोगियों की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
मोदी की लहर पर चुनावी वैतरणी पार करने की उम्मीद कर रही भाजपा को इन एग्जिट पोल ने फीलगुड करा दिया है। खबरिया चैनलों के लगभग सभी एग्जिट पोल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को अपने दम पर 272 का आंकड़ा पार करते दिखाया गया है।
वैसे भाजपा के अपने आंतरिक सर्वे में भी पार्टी को 235 से 250 तक सीटें मिलती दिखाई गई हैं और वह दावा करती रही है कि एनडीए को अपने दम पर पूर्ण बहुमत मिल जाएगा।
पुराना इतिहास फिर से दोहराया गया तो?
हालांकि, अंतिम नतीजों के बाद राजग की 272 सीटों से कम सीटें आती हैं तो नए सहयोगियो की तलाश भी की जा सकती है। भाजपा का मानना है कि 200 का आंकड़ा पार करते ही उसे सहयोगियों की भी कमी नहीं रहेगी।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि वैसे तो नतीजे 16 मई को आ जाएंगे, लेकिन ये एग्जिट पोल जमीनी हकीकत बता रहे हैं।
भाजपा के लिए एग्जिट पोल के मौजूदा नतीजे सुकून भरे हो सकते हैं लेकिन 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में नतीजे तब के एग्जिट पोल के नतीजों के ठीक उलट रहे थे। वैसा ही परिणाम इस बाद दोहराया गया तो भाजपा के रणनीतिकारों को मुश्किल हो सकती है।