कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में लगातार नकल का आरोप लगने के बाद आयोग की ओर से परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी की जा रही है। आयोग की ओर से परीक्षा प्रणाली में बदलाव करके छात्रों को नकल से रोकने की तैयारी हो रही है। विशेषज्ञ इस बारे में एकमत हैं कि एसएससी की ओर से होने वाली परीक्षाओं को वस्तुनिष्ठ (आब्जेक्टिव) की बजाय विस्तृत उत्तरीय कर दिया जाए, इससे नकल की प्रवृत्ति को रोका जा सकेगा।
कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में पूर्व में छोटे और बड़े दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते थे, दो वर्ष पूर्व एसएससी की ओर से परीक्षा पैटर्न में बदलाव करके आयोग ने पहले और दूसरे चरण की परीक्षाओं को भी पूरी तरह से आब्जेक्टिव कर दिया था। दो चरण की परीक्षाओं के आब्जेक्टिव कर दिए जाने के बाद एसएससी की परीक्षाओं में नकल के ठेकेदारों को मनमानी की छूट मिल गई।
एसएससी के कर्मचारियों और केन्द्र व्यवस्थापकों की मिलीभगत से परीक्षार्थी हाईटेक नकल सामग्री का इस्तेमाल करने लगे और हर परीक्षा में नकल करते परीक्षार्थी पकड़े जाने लगे। लगातार नकल से परेशान एसएससी निदेशक ने इस बात के संकेत दिए हैं कि परीक्षाओं में बड़े प्रश्नों को एक बार फिर से पूछा जा सकता है। एसएससी की ओर से यह बदलाव जांच एजेंसियों की ओर से दिए गए सुझाव के बाद किया जा रहा है।