यह कहानी पूरी तरह फिल्मी है। एक ऐसी लवस्टोरी, जिसका अंजाम सुखद नहीं रहा। खास बात यह है कि इस लवस्टोरी में एक पक्ष में पूर्व मंत्रीजी और भाजपा के नेता खड़े हैं और दूसरी तरफ महिला सरकारी कर्मचारी।
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कहानी कुछ इस तरह है कि दोनों को एक-दूजे से मोहब्बत थी, लेकिन समाज के मुताबिक वह जायज के दायरे में नहीं आती। यही वजह थी कि इसे जमाने की निगाह से छिपाकर रखा गया।
पूर्व मंत्रीजी की कोशिश अब भी यही थी, लेकिन बात नहीं बनी। जब इस मोहब्बत का खुलासा जमाने का सामने हुआ, तो बवाल मच गया। रिश्ते से परदा हटने की वजह से भाजपा के नेता इस कदर टूट गए कि जान देने का फैसला कर लिया। यह पूरा किस्सा होश उड़ाने वाला है। जाहिर है, प्यार किया नहीं जाता, हो जाता है। लेकिन नेताजी को यह प्यार महंगा पड़ गया।
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प्रेमिका ने खोली पूर्व मंत्री की पोल
कर्नाटक के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता ने मंगलवार रात मैसूर के समीप खुदकुशी की कोशिश की। वजह यह थी एक सरकारी कर्मचारी के साथ उनका तथाकथित नाजायज प्रेम संबंध सभी के सामने आ गया और वो भी बेहद अजीबोगरीब तरीके से।
इस सारे बवाल को मीडिया के कैमरों ने कैद किया और लाइव प्रसारण भी हुआ। 30 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एस ए रामदास और उनके बीच पिछले पांच साल से बेहर करीबी संबंध रहा।
प्रेमकुमारी नामक महिला का दावा है कि पूर्व मंत्री भी उनसे मोहब्बत करते थे, लेकिन बाद में शादी करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि अगर वह इस रिश्ते के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उनके राजनीतिक करियर पर असर पड़ सकता है।
मीडिया के सामने हुआ सारा ड्रामा
जब प्रेमकुमारी पूर्व मंत्री 52 वर्षीय रामदास का 'पर्दाफाश' करने के लिए संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रही थी, तो रामदास ने उनके सेलफोन पर कॉल कर इस मामले को सभी के सामने न रखने का आग्रह किया।
जब पत्रकारों ने जोर दिया कि प्रेमकुमारी अपने फोन को स्पीकर पर लगा दे, तो एक पुरुष की आवाज सुनाई दी, जो पूर्व मंत्री की बताई गई। इस शख्स ने कॉल पर कहा, "चिन्नू, प्लीज मीडिया में मत जाना। अगर तुम ऐसा करोगी, तो मैं जहर खाकर जान दे दूंगा।"
इसके बाद टीवी चैनलों ने बार-बार 'ऑडियो' क्लिप चलाई और शहर भर में उनके 'नाजायज रिश्ते' की चर्चा होने लगी। इससे 'निराश' रामदास गेस्ट हाउस गए, वहां कमरा बुक कराया और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया।
नेता ने दरवाजा बंद किया और फांसी लगाई
जब भाजपा नेता का ड्राइवर ने उनके नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो रामदास का फोन स्विच-ऑफ था। कुछ गड़बड़ होने की आशंका के चलते ड्राइवर ने गेस्ट हाउस के स्टाफ की मदद से दरवाजा तोड़ा और उन्हें पंखे से लटका पाया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्रीजी को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जान खतरे से बाहर बताई गई है। प्रेमकुमारी विधवा हैं और उनका आरोप है कि रामदास उनसे 2009 में मिले थे, जब वह विधायक थे।
प्रेमकुमारी का कहना था कि वह बंगलुरु के समीप टुमकुर से मैसूर ट्रांसफर चाहती थी। इसके बाद ट्रांसफर हो गया, लेकिन उनका रिश्ता जारी रहा।
प्रेमकुमारी का कहना था कि पूर्व मंत्री ने उनसे शादी का वादा किया था, लेकिन किसी न किसी वजह के चलते वह इसे टालने लगे। उनका यह तक कहना है कि वह भाजपा नेता के खिलाफ बलात्कार और विश्वास तोड़ने का मामला दाखिल कराएगी। हालांकि, पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
भाजपा के एक नेता ने कहा, "रामदास खतरे से बाहर हैं और फिलहाल उन्हें निजी अस्पताल की देखरेख में रखा गया है।" उन्होंने कहा, "हमें गेस्टहाउस स्टाफ से पता चला कि रामदास को अपोलो अस्पताल ले जाया गया, क्योंकि वह कमरे में लटके पाए गए थे।"
प्रेमकुमारी का कहना है, "उन्होंने मुझे धमकी दी थी कि अगर मैंने मीडिया के सामने खुलासा हुआ और उनकी बातचीत का खुलासा किया, तो वह आत्महत्या कर लेंगे। मैंने यह बातचीत मोबाइल हैंडसेट पर रिकॉर्ड कर रखी थी।"