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अब वोट का सुबूत भी होगा आपके हाथ

Fri, 26 Apr 2013 01:55 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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वोट देने के बाद अब तक आप अपने अंगुली में निशान लगवा कर वापस लौटते थे, लेकिन अब आपके पास एक पर्ची भी होगी, जो इस बात का सुबूत होगी कि आपने अपना वोट किसे दिया है।
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यह पर्ची ईवीएम मशीन पर वोट का बटन दबाने के तत्काल बाद बाहर आ जाएगी। दरअसल चुनाव आयोग वोटों का प्रिंट आउट उपलब्ध कराने के लिए  ईवीएम मशीनों में जरूरी सुधार करने पर राजी हो गया है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपचुनावों में इसकी शुरुआत करने के बाद इसे लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

संसद में बृहस्पतिवार को पेश की गई कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने इस आशय की मांग स्वीकार कर ली है।
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समिति के अध्यक्ष शांताराम नायक ने बताया कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग लंबे समय से यह मांग कर रहा था।

चूंकि संविधान के अनुसार मतदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि उसने ईवीएम के जरिये किसे अपना वोट दिया है। इसलिए समिति ने चुनाव आयोग से इस आशय की सिफारिश की थी।

रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने मतदान के तत्काल बाद मतदाताओं को मतदान का प्रिंट आउट उपलब्ध कराने पर हामी भर दी है। मतदाताओं को दिया जाने वाला प्रिंट आउट बताएगा कि मतदाता ने किसे वोट दिया है।

नई व्यवस्था शुरू करने के लिए आयोग सभी ईवीएम मशीनों में प्रिंट आउट देने की क्षमता विकसित करेगा। हालांकि शुरुआत में कुछ उपचुनावों में इसे बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

इसके बाद सभी चुनावों में मतदाताओं को मतदान का प्रिंट आउट देना अनिवार्य कर दिया जाएग। समिति ने वोटिंग मशीन के मॉक ट्रायल के दौरान प्रदर्शन के लिए डाले गए वोटों को कभी-कभी नहीं मिटाए जाने की भी शिकायत की है।
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समिति का कहना है कि इससे फर्जी वोटों की भी रिकार्डिंग हो जाती है। इससे बचने के लिए समिति ने आयोग को मॉक ट्रायल में पारदर्शिता लाने का सुझाव दिया है।

समिति ने आचार संहिता के उल्लंघन पर राजनीतिक दलों के पंजीकरण निरस्त करने का चुनाव आयोग को दिया गया अधिकार समाप्त करने की सिफारिश की है।

समिति का तर्क है कि चूंकि यह कानूनी विषय है, इसलिए यह अधिकार चुनाव आयोग को नहीं दिया जाना चाहिए।
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