अपनी नई टीम को बनाने के बाद कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी मुस्तैदी से पार्टी का नेतृत्व करने में जुट गए हैं।
राहुल ने बड़े पदाधिकारियों को नहीं बल्कि सचिव स्तरीय पदाधिकारियों को भी तवज्जो देने की शुरुआत कर दी है।
मंगलवार को पार्टी के सभी 42 सचिवों को उन्होंने खुद फोन करके न सिर्फ बधाई दी बल्कि अपनी बात और सुझाव रखने के लिए भी कहा।
साथ ही राहुल ने सचिवों को उनकी भूमिका को पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ाने का भरोसा देते हुए महासचिवों के साथ होने वाली अहम बैठकों में उनको भी शामिल रखने की बात कही है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष इसी हफ्ते अपनी नई टीम के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक करने की तैयारी में है। मगर इससे पहले उन्होंने फोन पर बातचीत कर सभी पदाधिकारियों के साथ संवाद बनाने की पहल की है।
मंगलवार को उन्होंने इसकी शुरुआत सभी सचिवों से की। पार्टी के अंदर सचिवों को हमेशा अपनी सीमित भूमिका को लेकर शिकायत रही है।
लिहाजा राहुल ने इस बात को भांपते हुए सचिवों के बीच आत्मविश्वास पैदा करने की कोशिश की। कई सचिवों ने अपनी भूमिका बढ़ाने को कहा, तो कइयों ने संगठन फेरबदल में प्रमोशन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई।
एक सचिव ने राहुल को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब तो कांग्रेस में कार्यकर्त्ताओं को महत्व मिलने लगा है। जवाब में राहुल ने कहा कि वह कार्यकर्त्ताओं को हमेशा आगे रखेंगे।
वहीं एक अन्य पार्टी सचिव ने कहा कि वह 20 साल से सचिव पद पर बैठे हुए हैं और 17 राज्यों के प्रभारी सचिव रहे हैं। मगर उनको अभी तक प्रमोशन नहीं मिला है।
राहुल का उनको जवाब था कि वह तो अभी आए हैं। उनकी बात को वह ध्यान रखेंगे। ज्यादातर सचिवों को उन्होंने उनकी भूमिका बढ़ाने का भरोसा दिया। साथ ही उनके राज्यों के दौरों को बढ़ाने की बात भी कही।
सचिवों को उन्होंने भरोसा दिया कि संगठन से जुड़ी अहम बैठकों में अब सिर्फ महासचिवों को नहीं बल्कि सचिवों को भी बुलाया जाएगा।