सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के तहत पेंशन में हर साल बदलाव की पूर्व सैनिकों की मांग को एक तरह से खारिज कर दिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि पेंशन में हर साल बदलाव नहीं किया जा सकता, लेकिन साथ ही कहा कि सरकार उच्च पेंशन दरों के साथ कम उम्र में रिटायर होने वाले सैनिकों के हितों की रक्षा करेगी।
जेटली ने कहा कि दुनिया में कहीं भी पेंशन में हर साल बदलाव नहीं होता है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ओआरओपी के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ‘केवल एक’ मुश्किल है, उसका ‘गणितीय जमा घाटा।’ उन्होंने कहा, ओआरओपी के लिए मेरा अपना फार्मूला है।
किसी और का ओआरओपी पर अपना फार्मूला हो सकता है, लेकिन यह तार्किक मापदंडों पर होना चाहिए। आप ऐसा ओआरओपी नहीं लागू कर सकते, जहां पेंशन हर महीने या हर साल संशोधित होती हो।’ वित्त मंत्री ने साथ ही कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें जल्द ही आएंगी।
जेटली ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘मैं पैसे को लेकर बेहद सतर्क रहता हूं और इसलिए मेरा काम एक गृहिणी के जैसा है, जिसे घर में खर्च होने वाले एक-एक पैसे का हिसाब-किताब रखना पड़ता है, ताकि पहले जरूरत से अधिक खर्च न कर दें और फिर उधार मांगें। यदि आप एक सीमा से अधिक उधार मांगते हैं, तो आप वित्तीय अनुशासनहीनता में शामिल होते हैं।’