प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हर संस्था समय के साथ विकसित होती है। कोई भी संस्था एक ही ढर्रे पर नहीं चल सकती। समय के अनुरूप उसमें बदलाव आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि बदलाव जरूरी होता है। पुरानी चीजें बेहतर हैं इसलिए हम उन्हीं के सहारे आगे बढ़ते रहे, यह तरीका सही नहीं है।
नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) के स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि लोक अदालत सफल रहा है। लेकिन अगर हम यह कहेंगे हमने सब कुछ हासिल कर लिया है तो ठहराव आ जाएगा। इस कार्यक्रम में भारत केअगले प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर समेत अन्य न्यायाधीश में मौजूद थे।
नालसा द्वारा लाखों लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह देने की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि हर सिस्टम में उसकी सीमाएं लगातार बढ़ती रहती है। उनके स्वरूप और अभिलक्षण में बदलाव होता रहता है। पिछले दो दशकों में लोक अदालतों के जरिए करीब साढ़े आठ करोड़ मामलों के निपटारे की सराहना करते हुए मोदी से इसे बड़ी उपलब्धि बताई। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि अगर हम कुछ हटकर सोचे तो उसका परिणाम कितना बेहतर हो सकता है।