टेलीकॉम सेवाओं को सरकार देश के हर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाने की तैयारी कर रही है। टेलीफोन सेवाओं को हर ग्रामीण तक साल 2020 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसी तरह देश के सभी गांवों को इंटरनेट सुविधा से भी जोड़ने की भी तैयारी है।
बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फिक्की द्वारा आयोजित नेशनल टेलीकॉम सम्मेलन में कहा है कि सरकार नई टेलीकॉम नीति के तहत इन लक्ष्यों को पूरा करने की कवायद कर रही है।
प्रधानमंत्री के अनुसार देश में टेलीकॉम क्षेत्र में प्रगति के बावजूद अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में टेली घनत्व केवल 40 फीसदी है। इसे हम 2017 तक 70 फीसदी और 2020 तक 100 फीसदी करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के हर ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा पहुंचाना जरूरी है।
इसके लिए राजस्थान, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश के गांवों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि आज जरूरी है कि कंप्यूटर के साथ 3जी सेवाओं को इस तरह से जोड़ा जाए कि देश के हर कोने में बैठा छात्र उसका शिक्षा के लिए इस्तेमाल कर सके।
प्रधानमंत्री ने इसके अलावा देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के बढ़ते आयात पर भी चिंता जताई है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से इस क्षेत्र में आयात बढ़ रहा है, उसे देखते हुए साल 2020 तक यह करीब 300 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो कि उस समय के पेट्रोलियम उत्पादों के आयात से ज्यादा होगा। इस स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि इस दिशा में हम एक मजबूत पहल करें, जिससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का मजबूत मैन्यूफैक्चरिंग आधार बन सके।