गुजरात के सूरत में कुछ ऐसा हुआ, जो अब तक कभी नहीं हुआ है। अदालत ने एक किन्नर को उसके भाई के तीन अनाथ बच्चों का लीगल गार्डियन नियुक्त किया है। यानी अब बच्चों की जिम्मेदारी और हक, दोनों उसे हासिल हैं।
यह किन्नर बच्चों की माता-पिता की मौत होने से लेकर अब तक इनकी देखभाल कर रहा था। तीनों बच्चे स्कूल में है। सरकारी विभाग में चपरासी रहे 45 वर्षीय राजेश भटवार का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।
वह अपने पीछे अपनी विधवा कला भटवार और तीन बच्चे छोड़ गए। कला भी तीन साल बाद दुनिया से चल बसीं। इसके बाद राजेश के किन्नर भाई गोविंद भटवार ने धर्मिष्ठा (16), नितेश (14) और दिव्या (11) की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।
कला की बहन सविता की वित्तीय हालत अच्छी नहीं थी, इसलिए उसने गोविंद को बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी देने पर रजामंदी दे दी। और अब वह बच्चो का पिता भी है और मां भी।
इसके बाद गोविंद ने सूरत की अदालत में अर्जी दाखिल कर इन बच्चों का लीगल गार्डियन बनाने का आग्रह किया। सविता ने भी इस पर रजामंदी दे दी। अदालत ने तीनों बच्चों से सवाल किया, तो उन्होंने भी अपने किन्नर चाचा के साथ रहने की बात कही।