डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट में विकलांगों को उपकरण देने के नाम पर अनियमितता की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तेज कर दी है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि अगर प्राथमिक तौर पर आरोप साबित होते हैं तो ट्रस्ट संचालक और संबंधित विभाग के मंत्री व अफसरों से भी पूछताछ होगी। इस बीच सोमवार को ईओडब्ल्यू ने विकलांग कल्याण से जुड़े कुछ अफसरों से पूछताछ की गई। जांच टीम ने 17 जिलों के विकलांग कल्याण व समाज कल्याण अफसरों के साथ ही सीएमओ से सोमवार रात तक दस्तावेज मुहैया कराने कहा है। मंगलवार से उनसे क्रमवार पूछताछ होनी है।
सोमवार को ईओडब्ल्यू की चार टीमें इटावा, फर्रुखाबाद, कांशीरामनगर और बुलंदशहर भेजी गई हैं। इन टीमों ने जिला विकलांग कल्याण अफसरों से जरूरी पूछताछ की और दस्तावेज हासिल किए। ईओडब्ल्यू के अफसरों का कहना है कि पहले चरण में जिलों के विकलांग कल्याण, समाज कल्याण अफसरों और सीएमओ से पूछताछ की जाएगी जबकि दूसरे चरण में संबंधित जिलों में तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) से पूछताछ होगी।
विकलांग कल्याण विभाग से भी योजना के तहत कार्य और भुगतान संबंधित दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं। इसके साथ ही चार जिलों में ईओडब्ल्यू टीमें रवाना कर दी गईं जबकि सोमवार देर रात तक बाकी के जिलों में भी टीमों को रवाना कर दिया जाएगा। ईओडब्ल्यू के अफसरों ने कहा कि अगर आरोप साबित होंगे तो इस मामले से संबंधित सभी लोगों से पूछताछ की जाएग़ी चाहे वह केंद्रीय राजनीति में हों या किसी भी उच्च पद पर तैनात हों।
गौरतलब है कि केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस ट्रस्ट पर अनियमितता के आरोपों में विकलांग कल्याण विभाग की जांच के बाद शासन ने जुलाई में ही ईओडब्ल्यू को जांच का जिम्मा सौंपा था, पर मामले की जांच में अब तेजी आई है। विकलांग कल्याण विभाग ने ईओडब्ल्यू को केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विकलांगों को उपकरण आदि देने के संबंध में यूपी के 17 जिलों में 71 लाख 50 हजार रुपये से काम कराए जाने संबंधी निर्देश पत्र की प्रति सौंप दी है। इसमें जिलों और उनकी आवंटित राशि का ब्योरा है।
जिला........................आवंटित राशि
एटा..........................छह लाख
अलीगढ़.....................चार लाख
कांशीरामनगर..............पांच लाख
मैनपुरी.......................दो लाख
इलाहाबाद....................पांच लाख
इटावा........................दो लाख
फर्रुखाबाद..................चार लाख
कन्नौज....................चार लाख
रामपुर......................पांच लाख
मेरठ........................चार लाख
बुलंदशहर...................दस लाख
गौतमबुद्धनगर.............दो लाख
बरेली........................तीन लाख
शाहजहांपुर.................चार लाख
सिद्धार्थनगर.................सात लाख
संत रविदासनगर..........दो लाख
मुरादाबाद...................ढाई लाख
विकलांग कल्याण अधिकारियों से यह हो रही पूछताछ
ईओडब्ल्यू ने पूछताछ कुछ निश्चित सवालों तक केंद्रित कर रखी है। इसमें जिले को आवंटित राशि, लाभार्थियों की सूची, लाभार्थियों को दिए गए लाभ को सत्यापित करने वाले दस्तावेज, लाभार्थियों के हस्ताक्षर और उनको सत्यापित करने की प्रक्रिया के बारे में पूछा जा रहा है। साथ ही उनसे उपकरणों को वितरित करने के लिए लाभार्थियों को चयनित किए जाने की प्रक्रिया और इससे जुड़े कर्मचारियों व अफसरों के नाम से संबंधित सवाल किए जा रहे हैं।
कोट
‘आरोप साबित होने पर बड़ों से भी पूछताछ होगी। चाहे वह केंद्रीय मंत्रालय से जुड़ा हो अथवा किसी उच्च पद पर तैनात हो। जांच तेजी के साथ चल रही है और सभी जिलों में टीमों को रवाना किया जा रहा है।’
-सुब्रत त्रिपाठी, कार्यवाहक डीजी, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)
सलमान पर नरम नहीं, निष्पक्ष
अभी तो जांच चल ही रही है। जांच पूरी होने से पहले क्या कहा जा सकता है? प्रदेश सरकार केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के प्रति नरम नहीं है, निष्पक्ष है। जांच पूरी होने का इंतजार कीजिए।
-अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री
कोर्ट पहुंचा मामला, सुनवाई 17 को
लखनऊ/ब्यूरो/लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की रजिस्ट्री में सोमवार को केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराए जाने व तफ्तीश की निगरानी कोर्ट द्वारा किए जाने केआग्रह वाली पीआईएल दायर की गई है। इस पर 17 अक्तूबर को सुनवाई संभावित है। समाजसेवी डॉ. नूतन ठाकुर ने यह पीआईएल दायर की है। इसमें याची ने एनआरएचएम घोटाले की की तरह इस मामले की भी निगरानी अदालत द्वारा किए जाने का भी अनुरोध किया है।'