रेल मंत्रालय आधुनिक ईएमयू पावर सेट आयात करने की योजना बना रहा है। यह पावर सेट ईएमयू ट्रेनों की तर्ज पर लंबे रूट पर 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाए जा सकेंगे। इनकी रफ्तार वर्तमान में शताब्दी ट्रेनों से भी ज्यादा होगी।
रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार उच्च स्तर पर ऐसे पावर सेटों को आयात करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन चुकी है। जल्द ही इनके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए जाएंगे। शुरुआत में इन ईएमयू पावर सेटों वाली ट्रेनों का संचालन उन रूटों पर किया जाएगा जो बहुत व्यस्त हैं।
इन रूटों पर नई ट्रेनों का संचालन संभव न होने के कारण पुरानी ट्रेनों की गति बढ़ाने की योजना के तहत ईएमयू ट्रेनों को विकल्प के रूप में चलाया जाएगा। एक ट्रेन कितनी लंबी होगी तथा शुरुआत में किन रूटों पर यह ट्रेन चलानी है, इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनय मित्तल ने बताया कि हम अगले साल इस तरह के पावर सेट आयात करने पर विचार कर रहे हैं। उम्मीद है कि वर्ष 2014 में ये ट्रेन देश के कुछ चुनिंदा रूटों पर दौड़ने लगेंगी।
भारत में बुलेट ट्रेन शुरू करने के बारे में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि हम देश में इसके लिए जरूरी ढांचा खड़ा कर सकें। भारत के लिए बुलेट ट्रेन अभी दूर है। इस मामले में हम चीन से मुकाबला नहीं कर सकते हैं।
क्या है ईएमयू पावर सेट
ईएमयू पावर सेट ट्रेन में अलग से इंजन नहीं लगाना होगा। इसके हर डिब्बे में पावर सेट होगा जो ट्रेन को चलाने में मदद करेगा। ऐसी ट्रेन आगे व पीछे दोनों ओर समान गति से दौड़ सकती है। यही नहीं परंपरागत रेल गाड़ियों की तुलना में ईएमयू पावर सेट स्टेशन पर रुकने तथा चलने में बहुत कम समय लेती है।
यह सामान्य ट्रेन की अपेक्षा आधे से भी कम समय में फुल स्पीड में दौड़ सकती है। इन खासियतों की वजह से यह अपनी निर्धारित दूरी पूरी करने में काफी कम समय लेती है।