गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर फिर निशाना साधा है।
मोदी ने यहां कहा कि मैंने बुधवार को दिया गया प्रधानमंत्री का भाषण सुना था, जिसमें वे केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए शायरी का सहारा ले रहे थे।
इस भाषण ने मुझे उस कहावत की याद दिला दी, जिसके अनुसार ‘खाली बर्तन ज्यादा शोर करते हैं।’ मोदी शुक्रवार को यहां कांग्रेस नेता विठ्ठल राडाडिया के बेटे सहित भाजपा में शामिल होने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
विठ्ठल पिछले साल एक टोल बूथ पर बंदूक लहराने के बाद सुर्खियों में रहे थे। मोदी ने कहा कि मनमोहन ने मीडिया का ध्यान खींचने के लिए अपने भाषण में शेर-ओ-शायरी के जरिए आक्रामक तेवर अपनाए।
मगर उन्हें नहीं पता था कि भाजपा नेता सुषमा स्वराज उसी अंदाज में उन्हें इतना बेहतरीन जवाब देंगी। मोदी के अनुसार मनमोहन के भाषण में विकास को लेकर कोई रोडमैप नहीं था और शुक्रवार को राज्यसभा में उनके जवाब ने दिखाया कि उनके आक्रामक तेवरों ने महज 24 घंटे में ही दम तोड़ दिया।
मोदी के अनुसार राज्यसभा में पीएम के आक्रामक तेवर गायब थे। उन्होंने शायरी भी नहीं की, क्योंकि वे जानते थे कि उन्हें विपक्ष से उसी अंदाज में जवाब मिल सकता है। मोदी के अनुसार जनता उम्मीद करती है कि पीएम के पास देश को आगे ले जाने के लिए क्या योजनाएं हैं, मगर उनके भाषण में ऐसा कोई रोडमैप नहीं दिखा।