ऑनलाइन बिजली बिल बनाने की प्रक्रिया में सेंध लगाकर एक बड़े घोटाले को अंजाम देने का मामला सामने आया है। 50 ऐसे प्रकरण जांच में सामने आ चुके है, जिनमें उपभोक्ताओं बिलों को कम किया गया और विभाग को करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
कंप्यूटर ऑपरेटर ने एसडीओ की आईडी का पासवर्ड चोरी कर इस पूरे मामले को अंजाम दिया। ऑपरेटर सहित दो के खिलाफ थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई दी गई है। जांच जारी है तथा अभी और भी खुलासे सामने आ सकते है।
सुहाग नगर स्थित विद्युत उप संस्थान पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर सनी शर्मा और चतुर्थ श्रेणी कर्मी को यतेंद्र को घटना के संबंध में नामजद किया गया हैं। सनी संविदा कर्मी है, दोनों एसडीओ आरके पुष्कर से अटैच्ड हैं। ऑनलाइन बिजली के बिल बनने शुरू होने के बाद मास्टर माइंड ऑपरेटर सनी ने एसडीओ की आईडी का पासवर्ड चोरी कर लिया।
अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया जेई शिवपुरी निवासी अशोक जैन के यहां पर 41 हजार बकाए का बिल वसूलने गए थे। बिल जमा करने की बात कही तो उसने बताया कि उसने भुगतान कर दिया है और उसने 182 रुपए के भुगतान की रसीद दिखा दी।
मामला संदिग्ध लगने पर जांच की गई की गई पूरे गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। अब तक जांच में 50 मामले ऐसे मामले सामने आ चुके है, जिनका बड़ा बिल था लेकिन उसे कम राशि का कर दिया गया। इन पचास मामलों में ही करीब 12 लाख का नुकसान विभाग को हुआ है। अभी जांच में और भी मामले सामने आ सकते हैं।
एसडीओ आरके पुष्कर ने बताया कि दोनों के खिलाफ थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन उपभोक्ताओं के खिलाफ भी विभाग कार्यवाही कर रहा है जो इस फ्राड में शामिल हुए हैं।
फ्रॉड में चूक से धरे गए
घपला करने वाले कर्मचारी बड़ी चूक कर बैठे। 41 हजार के बिल को मात्र 182 रुपये कर दिया, जबकि उपभोक्ता पर दस महीने का बिल बकाया था। इसी से अधिकारियों को बिल पर संदेह पैदा हो गया।