16वें लोकसभा चुनाव के महासमर का बिगुल बज गया है। आम चुनाव के कार्यक्रमों पर कयासबाजी का दौर खत्म करते हुए चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। इस बार चुनाव कुल 9 चरणों में होंगे।
पहले चरण का चुनाव 7 अप्रैल को, दूसरे चरण का 9 अप्रैल को, तीसरे चरण का 10 अप्रैल को, चौथे चरण का 12 अप्रैल को, पांचवें चरण का 17 अप्रैल को, छठे चरण का 24 अप्रैल को, सातवें चरण का 30 अप्रैल को, आठवें चरण का 7 मई को और नवें चरण का चुनाव 12 मई को होंगे।
मतगणना 16 मई को होगी और उसी दिन पूरी कर ली जाएगी।
यूपी और बिहार में छह चरणों में मतदान
यूपी में 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 24 अप्रैल, 30 अप्रैल, 7 मई और 12 मई को चुनाव होंगे। वहीं बिहार में 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 24 अप्रैल, 30 अप्रैल, 7 मई और 12 मई को होंगे।
महाराष्ट्र में तीन चरणों में 10 अप्रैल, 17 अप्रैल और 24 अप्रैल को चुनाव होंगे। चंडीगढ़ में एक चरण में 10 अप्रैल को चुनाव होंगे। दादर नगर हवेली में एक ही चरण में 30 अप्रैल को चुनाव होंगे। त्रिपुरा में दो चरणों में 7 अप्रैल और 12 अप्रैल को चुनाव होंगे।
दिल्ली और हरियाणा में एक ही चरण में मतदान 10 अप्रैल को होंगे। गुजरात में भी एक ही चरण में 30 अप्रैल को चुनाव होंगे। राजस्थान में दो चरणों में 17 और 24 अप्रैल को चुनाव होंगे। झारखंड में तीन चरणों में 10 अप्रैल, 17 अप्रैल और 24 अप्रैल को चुनाव होंगे। तमिलनाडु में भी एक ही चरण में 24 अप्रैल को चुनाव होंगे।
तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी
इस बार लोकसभा चुनाव के साथ तीन राज्यों (उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और सिक्किम) में विधानसभा चुनाव भी होंगे।
आंध्र प्रदेश की 30 लोकसभा सीट पर दो चरणों में 30 अप्रैल और 7 मई को चुनाव होंगे। प्रदेश की 17 लोकसभा सीटों और 119 विधानसभा सीटों पर 30 अप्रैल को चुनाव होंगे। वहीं 7 मई को 25 लोकसभा सीटों और 175 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे।
ओडिशा में 10 अप्रैल को 10 लोकसभा सीटों और 70 विधासभा सीटों पर चुनाव होंगे। वहीं 17 अप्रैल को शेष 11 लोकसभा सीटों और 77 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे।
सिक्किम की एकमात्र लोकसभा सीट और 32 विधानसभा सीटों पर 12 अप्रैल को चुनाव होंगे।
चुनाव में NOTA का भी विकल्प
वीएस संपत ने बताया कि देश भर में 9,30,000 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि पिछले चुनाव में इसकी तादाद 8,30,000 थी। इस प्रकार मतदान केंद्रों में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है। मतदान केंद्रों पर 1.1 करोड़ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस बार चुनाव में नोटा का भी विकल्प है।
इस बार चुनाव में 81.4 करोड़ वोटर अपने मत का इस्तेमाल करेंगे, जो पिछले साल के मुकाबले 10 करोड़ अधिक है। 98.6 फीसदी मतदाताओं के पास फोटो पहचान पत्र है। भारत के पहले आम चुनाव में 17.6 करोड़ मतदाता थे।
मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम नहीं है वे 9 मार्च तक उसमें अपना नाम जुड़वा सकते हैं। एक उम्मीदवार चुनाव प्रचार पर 70 लाख रुपए तक खर्च कर सकता है। पहले यह सीमा 40 लाख रुपए थी।
चुनाव आचार संहिता लागू
विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस काफ्रेंस में चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा की। तारीखों का ऐलान होते ही पूरे देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आचार संहिता 72 दिनों तक लागू रहेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपथ ने बताया कि लोकसभा चुनावों के साथ ही तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होंगे। देश के सभी नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव एक दिन में कराएं जाएंगे।
पहली बार किसी लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की फोटो मतदाता पर्ची दी जाएगी।
ऐन मौके पर आयोग ने लिया बड़ा फैसला
पहले अशोक रोड स्थित निर्वाचन सदन में ही परंपरागत रूप से चुनावी घोषणा के लिए प्रेस कांफ्रेंस की तैयारी चल रही थी।
यहां पर सभागार में जगह कम होने के कारण टेलीविजन चैनलों के कैमरों तथा प्रिंट मीडिया के फोटोग्राफरों के प्रवेश नहीं दिए जाने का फैसला भी ले लिया गया था।
मगर ऐन मौके पर आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस विज्ञान भवन में स्थानांतरित कर दिया।