निर्वाचन आयोग ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की कंपनी को कर्ज देने के मामले में कांग्रेस की मान्यता खत्म करने के लिए जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी की अर्जी को खारिज कर दिया है। जनता पार्टी के अध्यक्ष ने बीते दिनों कांग्रेस की मान्यता रद्द करने संबंधी अर्जी चुनाव आयोग को सौंपी थी।
पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने उन पर एक फ़र्ज़ी कंपनी चलाने और सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। इसी मामले में स्वामी ने चुनाव आयोग से कांग्रेस पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग की थी।
स्वामी के राहुल-सोनिया पर आरोप
सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि सोनिया और राहुल गांधी ने सेक्शन 25 के तहत यंग इंडियन कंपनी बनाई जिसने एसोसिएटिड जर्नल्स को खरीदा। कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएटेड जर्नल्स कंपनी को 90 करोड़ से ज़्यादा का कर्ज़ दिया था। स्वामी का कहना है कि इंकम टैक्स एक्ट के तहत इस तरह का कर्ज़ ग़ैरक़ानूनी है क्योंकि एक राजनीतिक पार्टी व्यवसायिक काम के लिए कर्ज़ नहीं दे सकती।
स्वामी ने ये भी आरोप लगाए कि राहुल गांधी ने 2009 के लोकसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय यंग इंडियन में हिस्सेदारी की बात अपने शपथ पत्र में नहीं बताई थी। साथ ही जनता पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यंग इंडियन को कर्ज़ दिया और उनके पास इस बात के भी सबूत थे कि कंपनी की बैठकें सोनिया गांधी के आधिकारिक निवास, 10, जनपथ पर होती थीं। हालांकि राहुल गांधी के कार्यालय ने एक वक्तव्य जारी कर स्वामी के आरोपों को बेबुनियाद और अपमानजनक बताया है।