लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दल अब अनाप शनाप वादे नहीं कर पाएंगे। राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग के समक्ष न केवल अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों और घोषणाओं के पीछे तर्क रखने होंगे, बल्कि उन्हें यह भी समझाना होगा कि इन्हें पूरा करने के लिए वित्तीय जरूरत कहां से पूरी करेंगे। चुनाव आयोग ने सभी दलों को इस बारे में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
आयोग ने अपने दिशा निर्देश में दलों से कहा है कि मतदाताओं का विश्वास केवल उन वादों पर हासिल किया जाना चाहिए, जिन्हें पूरा करना संभव है। ऐसे वादे नहीं किए जाएं जो कि माहौल को प्रभावित करने के साथ मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव डाले।