लोकसभा की सियासी जंग के लिए मैदान में उतरी भाजपा रैलियां आयोजित करने के मामले में भले ही कांग्रेस से आगे दिख रही हो, लेकिन चुनाव प्रबंधन और प्रचार के मामले में पार्टी पिछड़ती दिख रही है। एफएम चैनलों से लेकर अन्य प्रचार तंत्रों में मोदी की तुलना में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ज्यादा दिखने लगे हैं।
दिल्ली समेत विभिन्न एफ एम चैनलों के प्रचार तंत्र में तो राहुल दमदार मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं, जबकि मोदी की मौजूदगी दर्ज नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार इसकी एक बड़ी वजह यह है कि मोदी दिल्ली के लिए समय नहीं निकला पा रहे हैं।
वे एक तो मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में ज्यादा व्यस्त हैं। इसके अलावा उन्हें जो भी समय मिल रहा है, उसमें रैलियां ही ज्यादा हो जा रही हैं। एफ एम चैनलों में कांग्रेस का चुनाव प्रचार एक पखवाड़ा पहले शुरू हो चुका है, जबकि भाजपा अभी तक चुनाव प्रचार के लिए एजेंसियों का चयन भी नहीं कर पाई है।
दरअसल, चुनाव प्रबंधन और प्रचार को लेकर पार्टी की योजना को मोदी से ही हरी झंडी मिलनी है और वे इसके लिए समय ही नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में कई फैसले लंबित हैं। राहुल गांधी के मीडिया में दो बड़े इंटरव्यू भी आ चुके हैं। जबकि मोदी अभी भी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
यह भी तय नहीं हो पाया है कि वे कब मीडिया से रूबरू होंगे। पार्टी में चुनाव प्रचार के दौरान किराए पर लिए जाने वाले हवाई जहाज व हेलीकॉप्टरों को लेकर भी कोई फैसला नहीं हो पाया है। जबकि कांग्रेस इस मामले में भी भाजपा से आगे चल रही है।