भारत में बढ़ती असहिष्णुता की गूंज दूसरे देशों में भी सुनाई देने लगी है। मूडी कारपोरेशन के बाद अब न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नसीहत देने के अंदाज में लिखा है कि भारत में बढ़ते असहिष्णुता के माहौल से देश और विदेश के बिजनेस लीडर निराश हैं।
सच्चाई यह है कि भारत में नफरत की वजह से दरार आ गई है और यह कुछ हिंदू अतिवादियों की असहनशील मांगों के कब्जे में है। अखबार का यह लेख मोदी के उस अमेरिकी सपने को झटके जैसा है, जो उन्होंने कुछ दिनों पहले सिलिकॉन वैली में देखा था।
अखबार ने यह संपादकीय हिंदू अतिवाद की कीमत नाम से लिखा है। इसके अनुसार यह वह भारत नहीं है, जैसा बड़ी संख्या में भारतीय चाहते हैं। यह वह भारत भी नहीं है, जो विदेशी निवेश आकर्षित कर सके, जिसके लिए मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं में मेहनत की है।