अंकों और प्रतीकों को पढ़ने समझने में दिक्कत के बावजूद डिस्लेक्सिया ग्रस्त पायलट ने अपने सेसना 210 ईगल एयरक्राफ्ट से दुनिया का आधा रास्ता तय कर लिया है।
21 वर्षीय कैप्टन जेम्स एंथनी टान मलयेशिया के रहने वाले हैं।
नागपुर से वाया कराची यहां पहुंचने के बाद जेम्स ने बताया कि वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे लोग प्रेरित और प्रोत्साहित हों।
साथ ही वह दुनिया भर के युवाओं को यह संदेश देना चाहते थे कि कुछ भी असंभव नहीं है। जेम्स कॉमर्शियल पायलट हैं, जिन्होंने उत्तरी अफ्रीका और अमेरिका में उड़ान भरी है।
अपने उड़ान सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि रूस से अलास्का के सफर के दौरान वह पर्याप्त ईंधन और मौसम को लेकर चिंतित रहे।
उन्होंने कहा कि माइनस 30 डिग्री सेल्सियस के तापमान के दौरान उड़ान में इंजन को हीटिंग डिवाइस से गर्म रखा। इस दौरान मलयेशिया के कार्यवाहक उच्चायुक्त रजलान अब्दुल राशिद भी मौजूद थे।