गाजीपुर इलाके में बुधवार दोपहर बहन की अर्थी को कंधा देने आ रहे भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त अमित गिरी (24) के रूप में हुई है।
श्मशान घाट रोड पर हुए हादसे में डीटीसी बस ने बाइक सवार अमित और उसके दोस्त को सामने से टक्कर मारी। बस चालक बाइक को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में अमित का दोस्त गौरव वर्मा बाल-बाल बच गया। गाजीपुर थाना पुलिस ने बस कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। एक ही दिन में दो बच्चों की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
बेटी को मुखाग्नि भी नहीं दे पाए पिता
इसे विधि का विधान ही कहेंगे कि पिता अशोक, अपनी बेटी बबली के मुखाग्नि दिए जाने के दौरान मौजूद नहीं रह सके। दरअसल, बबली का परिवार और ससुराल वाले बुधवार दोपहर उसकी अर्थी को लेकर गाजीपुर श्मशान घाट पहुंच गए थे।
इसी बीच दोपहर 1:22 बजे श्मशान घाट में अशोक को बेटे के साथ हुए हादसे की खबर मिली। अभी बेटी को मुखाग्नि नहीं दी गई थी। फौरन अशोक वहां से एलबीएस अस्पताल पहुंचे। वहां बेटे की मौत की खबर मिली। अशोक अपने होश खो बैठे, दूसरी ओर परिवार और ससुराल वालों ने बबली का अंतिम संस्कार कर दिया।
गाजीपुर में हुआ हादसा
अमित की बहन, बबली लंबे समय से बीमार चल रही थी। बुधवार सुबह, इलाज के दौरान मयूर विहार के कुकरेजा अस्पताल में उसकी मौत हो गई। भाई अमित को जब बहन की मौत का पता चला कि वह गाजियाबाद से अपने दोस्त गौरव के साथ गाजीपुर श्मशान घाट की ओर निकल गया। जैसे ही वह एनएच-24, गाजीपुर अंडरपास से श्मशान घाट की ओर मुड़ा सामने से आ रही डीटीसी की बस ने उसे टक्कर मार दी।
गौरव के मुताबिक अचानक कोई राहगीर अमित के सामने आ गया था, उसे बचाने के चक्कर में बाइक का संतुलन बिगड़ा और वह हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने गौरव से नंबर लेकर अमित के पिता अशोक को फोन किया। वह श्मशान घाट से सीधे अस्पताल पहुंचे। वहां अमित की मौत हो चुकी थी।