तमिलनाडु के उदगमंडलम में एक बस ड्राइवर ने दिलेरी की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हुए बस में सवार 40 यात्रियों की जान बचा ली।
दरअसल, राज्य परिवहन निगम की बस चलाने वाले 52 वर्षीय ड्राइवर रामासामी को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। ऐसे हालात में भी उसने धैर्य नहीं खोया और बस को सड़क किनारे रोकने में सफल रहा। हालांकि इसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामासामी ने दिल का दौरा पड़ने के बावजूद सूझबूझ का परिचय दिया और बस को बर्लियार में घाट रोड की बायीं तरफ मोड़ दिया।
जहां आगे जाकर बस एक पहाड़ी से टकराकर रूक गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया। हादसे में 15 यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उसके हाथ से स्टीयरिंग छूट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि ड्राइवर ने मुश्किल हालात में भी अपने दिमाग को नियंत्रण में रखा और सही समय पर बस को बायीं तरफ मोड़ दिया, अगर वह बस को दायीं तरफ मोड़ देता तो बस 600 फीट गहरी खाई में गिर सकती थी।