पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक नहीं जानते कि कारगिल जंग में शहीद हुए कैप्टन सौरभ कालिया की जान किसने ली। खराब मौसम ने या फिर पाकिस्तानी सेना की गोली ने। उन्हें यह भी नहीं पता कि पाक सेना ने उनके साथ किस स्तर तक अमानवीय व्यवहार किया। भारत दौरे पर आए मलिक ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और मुझे अभी इस मामले के बारे में पता चला है।
कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन सौरभ कालिया और पांच अन्य सैनिकों को पाक सेना ने बंदी बनाकर यातनाएं दी थी। बाद में कैप्टन कालिया के क्षत-विक्षत शव को उनके परिवार को सौंप दिया गया था। जांच के बाद पता चला था कि उन्हें असहनीय यातनाएं दी गई थी। कैप्टन कालिया के शरीर को सिगरेट से दागा गया था और उनके कानों को लोहे की गरम छड़ों से छेद दिया गया था।
यहां तक कि उनके महत्वपूर्ण अंगों को भी काट दिया गया था। कैप्टन कालिया के पिता एनके कालिया ने सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में उठाने की मांग की है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एनके कालिया की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
इस संबंध में रहमान मलिक ने कहा, ‘मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि इस बहादुर सिपाही के पिता से मुलाकात कर मुझे काफी खुशी होगी। मैं उनसे हाथ मिलाकर पूरी घटना की जानकारी लेना चाहूंगा। जब बॉर्डर पर जंग चल रही होती है, तो सच में हमें नहीं पता होता कि वहां क्या हो रहा है।
हम सच में नहीं जानते कि कैप्टन कालिया की मौत पाक गोली से हुई है या फिर मौसम से।’ मलिक ने कहा, ‘युद्ध में जब गोलियां चलती हैं, तो वह यह नहीं देखती कि सामने कौन है। इसी वजह से पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने बयान दिया था कि हम शांति चाहते हैं। हम नहीं चाहते कि इस तरह की घटनाएं दोबारा हों। इसी वजह से मैं यहां हूं और हम इसी ओर काम कर रहे हैं।’