अब गधे भी कैटवॉक करेंगे। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि राजस्थान में शुरू हुए गधों के मेले का वह सच है, जिसे सुनकर शायद ही कोई आश्चर्य में नहीं पड़े। मगर विविधताओं के इस देश में यह मेला कई सौ साल से लगता आ रहा है जहां लद्दाख से लेकर यूपी तक के गधे एकत्र होते हैं।
इस बार मेले को आकर्षक बनाने के लिए गधों को रैंप की जगह सजी-धजी जमीं पर कैटवॉक कराने के इंतजाम किए गए हैं। बुधवार से शुरू हुआ यह मेला दशहरे तक चलेगा।
जयपुर के थोड़ी दूरी पर लुनियावास में लगने वाला यह मेला खलकारी माता के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पचास हजार गधों व बड़ी संख्या में उनसे मिलते-जुलते जानवर तीन दिन के मेले में पड़ोसी राज्यों और पूरे राजस्थान से लाए जाते हैं।