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जवान न देखें फेसबुक पर पॉर्नः सेना

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पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के 'हनी ट्रैप' से सेना के जवानों को बचाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। हाल के दिनों में कई जवान जासूसी के आरोप में पकड़े गए हैं। जवानों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि कोई भी जवान फेसबुक पर पॉर्न न देखे। कारण बताया गया है कि इससे उन्हें जाल में फंसाया जा सकता है।
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इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक सेना ने यह अडवाइजरी तब जारी कि जब एयरफोर्स के एक जवान को फेसबुक के जरिए हनीट्रैप में फंसाया गया।

यही नहीं जवानों से ये भी कहा गया है कि वह फेसबुक या अन्य सोशल नेटवर्किंग साइट पर किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट न स्वीकार करें। सेना ने यह फरमान केवल जवानों के लिए ही नहीं बल्कि उनके परिजनों के लिए भी जारी किया है।

जवानों के लिए सेना के कड़े निर्देश

बता दें कि सेना ने जवानों के लिए यह फरमान तब जारी किया जब एयरफोर्स में तैनात जवान रंजीत को पुलिस ने बीते 28 दिसंबर को बठिंडा से गिरफ्तार किया। रंजीत पर आरोप है कि उसने फेसबुक पर एक खूबसूरत प्रोफाइल वाली महिला को एयरफोर्स के एयरबेस की कई खुफिया जानकारी दी।

महिला ने रंजीत से ब्रिटिश पत्रकार के तौर पर जानकारी मांगी जबकि असल में वह महिला एक खुफिया जासूस थी। रंजीत ने महिला को पठानकोट एयरबेस की जानकारी दी थी वह कुछ दिन पहले की पठानकोट एयरबेस के दौरे पर आया था।

इस पूरे मामले को सेना ने गंभीरता से लिया और बीते 31 दिसंबर को जवानों के लिए फरमान जारी किया। जनरल सर्विसेस इंटेलिजेंस की ओर से जवानों के लिए अडवाइजरी जारी की गई है।

जिसमें कि जवानों के साफ तौर पर कहा गया है कि वह सोशल साइट फेसबुक, व्हाट्सऐप पर सेना की वर्दी में प्रोफाईल फोटो न लागाएं। वहीं जवानों को अपनी तैनाती पोस्ट, बटालियन का नाम व रैंक की जानकारी देने से भी मना किया गया है।
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इस पूरे मामले के बाद हरकत में आई सेना

मालूम हो कि एयरफोर्स के जवान रंजीत को 28 दिसंबर को एयरबेस कैंप की जानकारी देने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

रंजीत कई साल से फेसबुक पर दामिनी मैकनॉट नाम की एक महिला के संपर्क में था। महिला ने पत्रकार के तौर पर मैगजीन में पब्लिश करने के नाम पर रंजीत से एयरफोर्स की तमाम सूचनाएं हासिल की।

सूचना के बदले में रंजीत के खाते में महिला ने एक बार 25 हजार और दूसरी बार 5 हजार रूपए भी जमा किए थे। बताया गया कि यह महिला आईएसआई के जासूसी रैकेट में काम करती थी।
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