दिल्ली और राजस्थान, पंजाब और गुजरात आदि राज्यों में भूकंप के झटकों के बाद भूगर्भ वैज्ञानिकों ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है।
भूकंपः ईरान में तबाही, उत्तर भारत में झटके
इंडियन तथा यूरेशियन प्लेट के सीमांत क्षेत्र में प्लेटों की टकराहट से समय-समय पर कम तीव्रता वाले भूकंप लगातार आते रहेंगे।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में भूवैज्ञानिक डॉ.दत्ता तेयम के अनुसार यद्यपि ईरान में आया भूकंप 7.8 तीव्रता का है। इतनी ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आठ साल पहले आया था जिसका केंद्र मुजफ्फराबाद में था।
आठ या दस साल में एक बार अधिक तीव्रता वाला भूकंप भूगर्भीय हलचल की दृष्टि से सामान्य घटना मानी जाती है। क्या भारत में किसी बड़े भूकंप आने की आशंका है?
इस पर डा. तेयम ने कहा कि अभी दुनिया में ऐसी विधि नहीं खोजी जा सकी है जो निश्चित रूप से भूकंप की सही सही भविष्यवाणी कर सकें। लेकिन जम्मू कश्मीर से लेकर दिल्ली तक का इलाका सिस्मिक जोन में आता है।
इसके अलावा हिमालयन जोन में लगातार धरती के अंदर कम गहराई की चट्टानों में टूट फूट के कारण भी भूकंप की संभावना बनी रहती है।