प्रधानमंत्री का गांव जयापुर शनिवार को तड़के ही जग गया। हर तरफ उमंग और उल्लास। दौड़ते-भागते बच्चों और युवाओं की खुशी का ठिकाना नहीं। महिलाएं भी सुबह होते ही कामकाज में व्यस्त।
गांव के बुजुर्गों को भी फुर्सत नहीं। कभी इधर सुझाव देते तो कभी खुद जुट जाते काम में। हर तरफ उत्साह और खुशियां। ‘ग्राम गौरव दिवस’ पर पूरा गांव एक साथ जुटा था तैयारियों को मुकम्मल करने में। सांझ होते-होते गांव दीपों से जगमगा उठा।
दीवाली से पहले ही रोशनी से भरे घर-आंगन में रंगोली के साथ हर तरफ खुशियों की चमक छाई। सामूहिक रसोई की खीर ने माहौल में और भी मिठास भर दिया। ऐसा होता भी क्यों नहीं, आखिर जयापुर अपनी पहली सालगिरह मना रहा था।
मोदी को सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत जयापुर को गोद लिए शनिवार को एक साल पूरे हुए। इसे ‘ग्राम गौरव दिवस’ यानी गांव के जन्मदिन के रूप में मनाया गया। पखवारे भर से इसकी तैयारियां चल रही थीं।
गांववालों का उत्साह मानो दोगुना हो गया
शनिवार को तो गांववालों का उत्साह मानो दोगुना हो गया। तैयारियों को अंतिम रूप देने के बाद ‘ग्राम गौरव दिवस’ मनाने के लिए पूरा गांव रामलीला मैदान में जुटा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के बेटे जामिन हुसैन के शहनाई वादन से हुआ। जिसकी धुन समझा गई कि यहां गंगा जमुनी तहजीब की धारा क्यों बहती है। जन्मदिन हो अैर बच्चों की मस्ती न हो, ऐसा कैसे हो सकता था।
बच्चों के लिए पिछले चार दिनों से ‘आदर्श ग्राम योजना’ के तहत निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। जयापुर के रंगों को अपनी कल्पनाओं के साथ उकेरने वाले इन बच्चों को इनाम दिए गए।
चूल्हा-चौका निबटाकर गांव का उत्सव मनाने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। एक दिन पहले ही उन्होंने अपने-अपने घरों को दुल्हन की तरह सजा दिया था। उनके लिए यहां गृहसज्जा प्रतियोगिता हुई थी।
दीपावली सरीखा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई
हर महिला की कोशिश यही थी घर तो सुंदर दिखे ही गांव की सजावट भी निखर जाए। इनकी इस कोशिश को भी सलाम किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। ये महिलाएं वे थीं जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कभी कोई पुरस्कार नहीं पाया था। जन्मदिन पर जयापुर को बुजुर्गों का भी भरपूर आशीर्वाद मिला।
उन्हें सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में बुजुर्ग महिलाएं अधिक रहीं। आखिर में इस खास मौके पर जायकेदार खीर से सबका मुंह मीठा कराया गया। खीर बनाने के लिए पूरे गांव भर से दूध जुटाया गया था। खीर की मिठास और आतिशबाजी के बीच गांव को दीपों से जगमग कर जयापुर के पहले जन्मदिन को दीपावली सरीखा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।
ये हुए पुरस्कृत
गांव की बुजुर्ग महिलाओं को ग्राम सम्मान : देवकली देवी (90), धन्यवती देवी (90), बेलपत्ती देवी (93), देवराजी देवी (88)।
निबंध प्रतियोगिता (जूनियर):गरिमा सिंह, धर्मेंद्र पटेल, विशाखा श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार पटेल, रीमा यादव।
सीनियर: प्रियंका पटेल, शिखा यादव, नीतू सिंह, साया वर्मा, हेमलता भारती।
चित्रकला प्रतियोगिता: किरण सिंह, अनामिका सिंह, रामकुमार पटेल, सतीश कुमार पटेल, आकांक्षा पटेल।
गृहसज्जा प्रतियोगिता: सोनाली सिंह, शशिकला गिरी, मुन्नी देवी, गायत्री देवी, धनश्री देवी, संगीता पटेल, प्यारी देवी।
करंट से झुलसे लोगों को भी यहां ग्राम सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें डिंपी सिंह, विद्यासागर और गुड्डी केशरी थे। इनके अलावा माया पटेल, प्रसेनजीत, मनोज, बिरजू, बबलू और राहुल पटेल को भी सम्मानित किया गया।
इनकी रही मौजूदगी
जयापुर के जन्मदिन पर आयोजित ‘ग्राम गौरव दिवस’ पर कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, चंद्रशेखर, ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी, प्रधान प्रतिनिधि नारायण पटेल, वंदना सोनी, अमित पांडेय, नेत्रा जायसवाल, राम खेलावन, रचना अग्रवाल, सुरेखा सिंह, सुरेश सिंह, ज्ञानेश जोशी, आदि मौजूद रहे। संयोजन पीयूषवर्धन सिंह ने किया। संचालन धैर्यवर्धन सिंह और धन्यवाद ज्ञापन नागेंद्र रघुवंशी ने किया।