भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की नई टीम को लेकर पार्टी के अंदर से असंतोष के सुर उठने लगे हैं।
हालांकि ये सुर अभी धीमे हैं, लेकिन पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेता गोविंदाचार्य ने तो राजनाथ और नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोल दिया।
कांग्रेस भी टीम राजनाथ पर उंगली उठा चुकी है। इन आलोचनाओं के बावजूद भाजपा का दावा है कि यह टीम 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को शिकस्त देगी।
कई मुकदमों का सामना कर रहे अमित शाह को पार्टी महासचिव बनाने पर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर कांग्रेस ने शाह को लेकर ऐतराज जताया है।
भाजपा के अंदर राजनाथ की नई टीम पर पार्टी के अधिकतर वे बुजुर्ग नेता ही उंगली उठा रहे हैं, जो इसका हिस्सा नहीं बन पाए हैं। उत्तर प्रदेश से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष विनय कटियार तो पहले ही अप्रत्यक्ष तौर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
उनकी तरह ही पार्टी में असंतुष्ट नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। सूत्रों के अनुसार पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा से लेकर उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष कलराज मिश्र, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार समेत कई नेता इसमें शामिल हैं।
ये सभी बुजुर्ग नेताओं को टीम में उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने के पक्षधर रहे हैं। इधर, गोविंदाचार्य ने राजनाथ की तुलना प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से कर दी। उन्होंने कहा कि नई टीम में चापलूसों को ज्यादा तवज्जो दी गई है।
भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था संसदीय बोर्ड में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बैटिंग करने के लिए तैयार मोदी के लिए भी गोविंदाचार्य ने कहा कि वे प्रधानमंत्री बनने लायक नहीं है।
हालांकि भाजपा ने गोविंदाचार्य के बयानों पर टिप्पणी नहीं करना ही उचित समझा। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि किसी व्यक्ति विशेष की टिप्पणी का जवाब देना जरूरी नहीं है। हालांकि उन्होंने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बयानों से उनकी हताशा ही झलक रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की यह टीम युवा है और आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को परास्त करने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस टीम में सामाजिक व क्षेत्रीय संतुलन कायम किया गया है।