वैवाहिक स्थलों पर दहेज या दान में दी जाने वाली वस्तुओं की सूची प्रदर्शित करने पर रोक लगाने की मांग को हाईकोर्ट ने नामंजूर कर दिया है। इसे लेकर दाखिल जनहित याचिका में कहा गया था कि कई स्थानों पर विवाह स्थलों के सामने ऐसी सूची प्रदर्शित की जाती है, जिसमें विवाह स्थलों पर दिए जाने वाले दहेज की सूची लगी रहती है।
दहेज में दिए जाने वाले समानों की सार्वजनिक सूचना प्रदर्शित करना गलत परंपरा है। याचिका कुरैशी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दाखिल की गई है। इस पर न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और एनए मुनीस की खंडपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा प्रश्न उठाया गया कि क्या दहेज या दान में दी जाने वाली वस्तुओं को सार्वजनिक करना अवैधानिक है।
याची अधिवक्ता के पास इसका कोई उत्तर नहीं था। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि दहेज और दान की क्या परिभाषाएं हैं। किस प्रकार से सूची का प्रदर्शन अवैधानिक होगा। याचिका को व्यर्थ के तथ्यों के साथ दाखिल की गई मानते हुए इसे खारिज कर दिया गया।