राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इलाज पर हुए खर्चे के संबंध में नरेंद्र मोदी द्वारा उठाये गए सवालों को जायज करार दिया है। संघ ने अपने मुखपत्र के जरिए कहा है कि सोनिया गांधी को इस संबंध में सफाई देनी चाहिए। संघ के मुखपत्र 'ऑर्गेनाइजर' में 'सोनिया गांधी के विदेश दौरों का रहस्य' शीर्षक से एक सम्पादकीय में कहा गया है कि सवाल यह नहीं है कि इलाज पर 1800 करोड रपये खर्च हुए या 180 करोड़ रूपये। महत्वपूर्ण मुद्दा पारदर्शिता और जवाबदेही का है।
मुखपत्र में लिखा गया है कि सोनिया गांधी सरकार पर गहरा असर रखती हैं। वह एक सांसद हैं और कांग्रेस पार्टी व सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन की अध्यक्षा हैं। साथ ही वह राष्ट्रीय सलाहाकर समिति की मुखिया हैं। ऐसी में उनके आर्थिक स्रोत को खुलासा होना जरूरी है।
संघा ने सोनिया गांधी के विदेशी दौरों पर टिपण्णी की है। लिखा है कि कांग्रेस अध्यक्षा करीब 20 सदस्यों वाले दल के साथ हवाई पट्टे से सीधे निजी विमान पर सवार होती हैं और उसी तरह देश में वापस आती हैं। यात्रा के समय उनके पुत्र, पुत्री व दामाद भी उनके साथ होती हैं। उनके दल के सदस्यों की सीमा शुल्क संबंधी जांच भी नहीं की जाती।
संघ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सोनिया गांधी के इलाज का खर्च नहीं उठाने की सफाई दिए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। इस मामले में सरकार को पूरा ब्योरा जनता के सामने रखना होगा। गुजरात के मुख्यमंत्री पर जवाबी प्रहार करने से काम नहीं चलेगा।