पांच सरकारी बैंकों में उच्च पदों की सीधी भर्तियों के लिए रखी गई अहर्ता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। ये पांच बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, आईडीबीआई और पंजाब नेशनल बैंक हैं।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कनफेडरेशन के अध्यक्ष केडी खेड़ा द्वारा दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। याचिका में कहा गया है कि गत 26 अप्रैल को वित्त मंत्रालय की बैंकिंग शाखा ने इन पांच बैंकों के लिए प्रबंध निदेश और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस बाबत सबसे पहले खबर करके बताया था कि कैसे सरकारी बैंकों के अहम पदों पर अब बैठेंगे निजी बैंक वाले।
याचिका में कहा गया है कि इन पदों के लिए रखी गई अहर्ता गैरकानूनी और मनमाना है। यह बैंकिंग रेगुलेशन के खिलाफ है। जनहित याचिका में कहा गया है कि इस पद पर नियुक्तियां सरकारी बैंक के एग्जक्यूटीव कैडर से हो न कि निजी बैंकों से। इन पदों के लिए बाहरी लोग, खासकर निजी बैंकों के अधिकारियों को प्राथमिकता देना उचित नहीं।