कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वह भारत में तालिबान के हिंदू संस्करण को सफल नहीं होने देंगे।
दिग्विजय सिंह ने शनिवार को ट्वीट करके कहा, मैं तालिबान समेत उन सभी विचारधाराओं से नफरत करता हूं जो नफरत की तरफदारी करते हैं। मैं किसी भी कीमत पर भारत में तालिबान के हिंदू संस्करण को सफल नहीं होने दूंगा।
ट्वीट में दिग्विजय ने लिखा- मोदी ने सरदार पटेल जैसे महान कांग्रेस नेता की विरासत को हाईजैक कर लिया है और अब वह कल यह भी कह सकते हैं कि चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह आरएसएस के प्रचारक थे। उन्होंने लिखा है, क्या पटेल की विरासत को हाईजैक कर आरएसएस के प्रतीक पुरुषों को धोखा दे रहे हैं?
कांग्रेस ने मोदी और भाजपा पर पटेल की विरासत हड़पने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि पटेल को सांप्रदायिक करार देने या उन्हें सांप्रदायिक तत्वों का प्रतीक पुरुष करार देने की कोई भी कोशिश उनकी अवमानना ही होगी।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीटर पर लिखा है, क्या नरेंद्र मोदी आरएसएस के प्रतीक पुरुषों गोलवलकर, दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को धोखा दे रहे हैं? या फिर पटेल की विरासत को हाईजैक कर रहे हैं। पटना रैली में कुछ गलतियों पर वह नरेंद्र मोदी के इतिहास ज्ञान की खिल्ली उड़ा चुके हैं।
ट्वीट में उन्होंने कहा है कि उन्हें कल यह भी सुनने को मिल सकता है कि मोदी चंद्रशेखर और भगत सिंह पर दावा करते हुए उन्हें आरएसएस प्रचारक बता रहे हैं। वह यह भी दावा कर रहे हैं कि भारत को आजादी आरएसएस की वजह से ही मिली है। इसमें मोदी का कोई दोष नहीं है। आरएसएस अपने कैडरों को ऐसी ही घुट्टी पिलाता है।
हालांकि दिग्विजय सिंह ने लता के उस बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की, जिसमें उन्होंने मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि लता भारत की प्रतीक हैं और उन्हें अपने राजनीतिक विचार के प्रदर्शन का पूरा अधिकार है।