भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को क्लीनचिट देने की खिल्ली उड़ाते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक एस. गुरुमूर्ति भारतीय जनता पार्टी के कैग हैं।
गौरतलब है कि गुरुमूर्ति ने भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में गडकरी की कंपनी पूर्ति शुगर एंड पॉवर लिमिटेड में निवेश पर प्रजेंटेशन दिया था। इसके बाद पार्टी ने अपने अध्यक्ष को क्लीनचिट देने की घोषणा की। गुरुमूर्ति को भाजपा का कैग बताने वाला यह बयान दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर दिया है।
इससे पहले बुधवार को सिंह ने कहा था कि गडकरी ने पहले भ्रष्टाचार के मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का बचाव किया था। येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार पर गडकरी ने कहा था कि यह अनैतिक है, लेकिन अवैध नहीं। अब गडकरी के भ्रष्टाचार पर भाजपा कह रही है कि यह न तो अनैतिक है और न ही अवैध। भाजपा के इस फैसले की खिल्ली उड़ाते हुए सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि जय हो बीजेपी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि क्लीनचिट दिए जाने के बाद भी गडकरी को पार्टी अध्यक्ष बनाए रखने के मुद्दे पर भाजपा दो खेमों में बंटी हुई है। आए दिन भाजपा पर हमला बोलने वाले सिंह ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की प्रशंसा की है। भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में आडवाणी शामिल नहीं हुए थे।
सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि आडवाणी संघर्ष करो जसवंत, यशवंत, राम जेठमलानी आपके साथ हैं। गौरतलब है कि राम जेठमलानी ने सार्वजनिक रूप से गडकरी को हटाने की मांग की थी। इसका जसवंत सिंह और यशवंत सिन्हा ने समर्थ किया था। सिंह ने ट्विटर पर आडवाणी को जन्मदिन की बधाई भी दी है।
पीएम को मौन मोहन सिंह कहने वाले मौन रहने को मजबूर
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को निशाना बनाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की है। अहमद ने बृहस्पतिवार को ट्विटर पर लिखा है कि पीएम को मौन मोहन सिंह कहने वाले नरेंद्र मोदी खुद मौन रहने को मजबूर हो गए हैं। मोदी की पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और मोदी ने अब तक इस पर कुछ भी नहीं कहा है। अंत में अहमद ने लिखा है गॉड इज ग्रेट।