स्थानीय अदालत ने कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ आरोप लगाने के मामले में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को बतौर अभियुक्त समन जारी किया। अदालत ने कहा उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं।
पटियाला हाउस स्थित मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार ने अपने विस्तृत फैसले में कहा शिकायतकर्ता, गवाहों के बयानों व पेश दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते हैं कि दिग्विजय द्वारा दिए बयानों से गडकरी की प्रतिष्ठा अन्य लोगों की नजर में कम हुई है।
इतना ही नहीं कांगेस नेता ने जानबूझकर शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा नष्ट करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा दिग्विजय के खिलाफ मानहानि की धारा 499 व 500 के तहत मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने दिग्विजय को बतौर अभियुक्त समन जारी करते हुए उन्हें 21 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा भाजपा के राज्यसभा सदस्य भूपेंद्र यादव के बयान में स्पष्ट है कि समाचार पत्रों के अलावा इलेक्ट्रानिक मीडिया में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गडकरी के खिलाफ कोल ब्लॉक आवंटन में आरोप दिखाने पर वे आश्चर्यचकित रह गए।
उन्होंने कहा दिग्विजय सिंह ने कोल ब्लॉक आवंटन में पार्टी अध्यक्ष पर करोड़ों रुपये का फायदा उठाने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं दिग्विजय ने आरोप लगाया कि गडकरी के सांसद अजय संचेती से व्यावसायिक संबंध हैं और कोल ब्लॉक में उनको 450 करोड़ का फायदा मिला।