राहुल गांधी के बारे में दिग्विजय सिंह के बयान ने तूल पकड़ लिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी मिजाज से शासक नहीं है। राहुल को लोकसभा में पार्टी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।
दिग्विजय के इस बयान के बाद उनसे सफाई मांगी जाने लगी है। कहा जा रहा है कि ऐसा कह कर उन्होंने राहुल की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाया है।
गोवा के एक स्थानीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में दिग्विजय सिंह ने कहा, मिजाज से वो सत्ताधारी व्यक्ति नहीं हैं। मिजाज से वो ऐसा व्यक्ति है, जो अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहता है।’
'राहुल को लेनी चाहिए थी जिम्मेदारी'
दिग्विजय राहुल की ओर से लोकसभा में कांग्रेस का नेतृत्व करने इनकार करने से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। दिग्विजय से पूछा गया कि राहुल लोकसभा में कांग्रेस के नेता क्यों नहीं बने।
इस पर सिंह ने कहा, मैं कह सकता हूं कि लोकतंत्र में विपक्ष की जगह अहम होती है। चूंकि कांग्रेस सबसे बड़ा विपक्षी दल है इसलिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।
बाद में दी सफाई
बाद में बंगलूरू में इस मुद्दे पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बयान को ठीक से समझा नहीं गया। मैंने यह कहा कि राहुल हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं। इसलिए वह सत्ता के लिए नहीं बने हैं। वह अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं। हमारे और उनके बीच यही अंतर है।
उनसे कहा गया कि उनका यह बयान गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल माना जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि हर कोई सत्ता के पीछे नहीं पड़ा है। यहां तक कि सोनिया गांधी ने भी कभी प्रधानमंत्री पद नहीं चाहा। गांधी परिवार और दूसरों में यही अंतर है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब अन्याय के खिलाफ लड़ने की बात आती है तो राहुल आक्रामक हो जाते हैं। राहुल पूरी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं।