कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस बात पर संदेह जताया है कि सीबीआई को स्वायत्तता देने के बेहतर परिणाम होंगे।
उन्होंने ट्वीट किया है कि सीबीआई को स्वायत्तता देना ऐसा ही है, जैसे किसी थानेदार को स्वायत्तता देना।
दिग्विजय ने सवाल किया कि क्या आम आदमी एक थानेदार को स्वायत्तता देने के हक में है और उसे किसी के प्रति जवाबदेह भी ना रखें।
कांग्रेस नेता ने यह तल्ख टिप्पणी ऐसे समय की है जब कोयला घोटाले की स्थिति रिपोर्ट को सरकार के साथ साझा करने के मुद्दे पर सु्प्रीम कोर्ट सरकार की तीखी आलोचना की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई सरकार के पिंजरे का तोता बनकर रह गई है।
सिंह ने इस तुलना पर भी सवाल उठाया था। ट्विटर पर उन्होंने हाल ही में कहा था कि सीबीआई को तोता की संज्ञा देकर क्या हम अपनी संस्थाओं को नीचा नहीं दिखा रहे हैं।
आईपीएल का बचाव किया
स्पॉट फिक्सिंग को राजनीतिक रंग देते हुए उन्होंने व्यंग्य किया है कि मुझे नहीं पता कि कितने लोगों ने भाजपा नेता वरूण गांधी और समाजवादी पार्टी के बीच चल रही मैच फिक्सिंग पर गौर किया है।
अलबत्ता आईपीएल का बचाव करते हुए उन्होंने कहा है कि स्पॉट फिक्सिंग में लगे खिलाडि़यों को तो जीवन भर के लिए प्रतिबंधित करना चाहिए, लेकिन इसके लिए आईपीएल को क्यों दोष दिया जाए। उन्होंने कहा कि नहाने के पानी के साथ हम बच्चे को तो बाहर नहीं फेंक सकते।
शाहनवाज हुसैन का जवाब
सीबीआई की स्वायत्तता के विरोध में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के ट्वीट का भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने उन्हीं की भाषा में ट्वीट कर जवाब दिया है।
अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि कांग्रेस जब एक दारोगा को गृहमंत्री बना सकती है और एक नौकरशाह को प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठा सकती है तो फिर वो एक डीएसपी या इंस्पेक्टर पर भरोसा करने से क्यों हिचक रहे हैं।
गौरतलब है कि इस समय देश के गृहमंत्री का पदभार संभाल रहे सुशील कुमार शिंदे कभी पुलिस में दारोगा थे जबकि खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश के रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके हैं।
शाहनवाज ने अपने ट्वीट से दिग्गी को जवाब देने के साथ-साथ कांग्रेस और इन नेताओं पर भी निशाना साधा।