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मोदी ने जसोदाबेन को माना पत्नी तो दिग्गी ने फिर उठाए सवाल

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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने जसोदाबेन को अपनी पत्नी मान लिया। हालांकि कांग्रेस महासिचव दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर सवाल उठाना खत्म नहीं किया।
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दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा कि, 'मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि नरेंद्र मोदी ने सच बोला है। लेकिन उन्होंने विधानसभा चुनाव में विवाह का कॉलम ब्लैंक क्यों रखा?'

नरेंद मोदी पर तीखा हमला करते हुए दिग्विजय ने कहा कि ऐसे व्यक्ति पर कैसे भरोसा किया जा सकता है, जो व्यक्ति अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में झूठ बोले।

मोदी ने कल भर था नामांकन

गुजरात की वडोदरा लोकसभा सीट से नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया। मोदी अपने राजनीतिक करियर में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

मोदी ने नामांकन के साथ पेश किए गए हलफनामे में पहली बार अपनी पत्नी का जिक्र किया। पत्नी के कॉलम के आगे मोदी ने जसोदाबेन का नाम लिखा है। हालांकि, हलफनामें में मोदी ने पत्नी की संपत्ति का कोई जिक्र नहीं किया।

विधानसभा चुनावों में अभी तक मोदी पत्नी के नाम का कॉलम खाली छोड़ देते थे। मोदी 2001, 2002, 2007 और 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

दिग्गी ने लगाए तीखे आरोप

कांग्रेस महासिचव द‌िगिवजय सिंह ने अपने बयान में स्नूपगेट का मुद्दा एक बार फिर उठाया। दिग्गी ने कहा कि ऐसे व्य‌क्ति पर कैसे भरोसा किया जा सकता है कि जो अपनी पत्नी को दूर रखता है और अनजान महिला की जासूस कराता है।

उन्होंने कहा कि मोदी झूठ बोलने में माहिर हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी स्नूपगेट का मुद्दा अपनी चुनावी सभाओं में उठाया है।

नरेंद्र मोदी जसोदाबेन को पत्नी मानने से अब तक बचते रहे हैं। लेकिन जसोदाबेन ने हाल ही में दिया एक इंटरव्यू में अपनी शादी के बारे में कई खुलासे किए थे।
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मोदी को क्यों करना पड़ा खुलासा?

जनवरी 2001 में राजकोट दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत के बाद मोदी के मुख्यमंत्री बनने पर कांग्रेस ने उनके विवाह को मुद्दा बनाते हुए पर्चे वितरित किए थे।

उनके नामांकन पत्रों में वैवाहिक स्थिति के कॉलम को रिक्त छोड़ने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को गत नवंबर में खारिज करते हुए उच्चतम न्यायालय ने ऐसे मामलों को आयोग के क्षेत्राधिकार की बात करार दिया था।

आयोग ने इस बार नामांकन पत्र के सभी कॉलम को भरने की ताकीद की थी। बताया जाता है कि श्री मोदी ने इसी वजह से विस्तृत कानूनी सलाह के बाद हलफनामे में अपने विवाहित होने का उल्लेख किया है।
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