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केजरीवाल राखी सावंत जैसे और राहुल हैं शादी का घोड़ा

Mon, 12 Nov 2012 11:13 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
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‘नेता’ शब्द तो दशकों पहले जनता के बीच गरिमा खो चुका था, अब नेता खुद एक-दूसरे के सम्मान के दुश्मन बन गए हैं। घटिया शब्द बाण और फिकरे राजनीति का अभिन्न अंग हो चले हैं। रविवार को कांग्रेस और भाजपा के दो बड़े नेताओं ने शालीनता की मर्यादाएं लांघी और विवादों में घिर गए।
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल की तुलना बॉलीवुड की आइटम डांसर राखी सावंत से कर डाली। जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कांग्रेस के नंबर दो नेता राहुल गांधी को दूल्हे की सवारी बनने वाले घोड़े से कर डाली, जो बिना इशारा पाए आगे नहीं बढ़ता।

पिछले महीने केजरीवाल से 27 सवाल पूछने वाले दिग्विजय ने अब उन पर फिकरा कसते हुए ट्वीट किया, ‘अरविंद केजरीवाल राखी सावंत की तरह हैं। दोनों बहुत कोशिशें करते हैं। कुछ एक्सपोज (प्रकट करना) भी करते हैं। लेकिन उनके एक्सपोज में दम नहीं होता।’
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वैसे दिग्विजय ने लगे हाथ राखी से माफी मांग ली और ट्वीट में कहा, ‘इस तुलना के लिए राखी से क्षमा याचना। मैं उनका पुराना प्रशंसक हूं।’ विवाद खड़ा होने पर सिंह ने यह कर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि यह तुलना उनकी अपनी नहीं है। कोलंबिया विश्वविद्यालय के एक छात्र ने उन्हें यह मैसेज भेजा, जिसे वे सबसे ‘शेयर’ करने से खुद को रोक नहीं सके।

एक और विवाद तब खड़ा हुआ जब भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को शनिवार की रात बोकारो की एक जनसभा में ‘शादी का घोड़ा’ कह दिया। उन्होंने कहा, ‘दूल्हे को अपनी पीठ पर बैठाए घोड़ा कई बार एक जगह पर अड़ जाता है। इसी तरह राहुल गांधी भी आगे नहीं बढ़ रहे हैं। वे कुछ कर दिखाएं इसके कई प्रयास हो रहे हैं। लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे। जब तक वे बढ़ना नहीं चाहेंगे मनमोहन सिंह क्या कर लेंगे? यह आज की कांग्रेस का संकट है।’

सिन्हा के इस बयान पर कांग्रेस ने खासी नाराजगी प्रकट की। दिग्विजय सिंह, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा और जितिन प्रसाद जैसे कांग्रेसी नेताओं ने सिन्हा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा नेता को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। कांग्रेस पर टिप्पणी करने के बजाय यह देखना चाहिए कि उनकी पार्टी में क्या हो रहा है?
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