कई बड़े नेताओं और कुछ संतों की ना-नुकुर के बाद भी विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद में नरेंद्र मोदी छाए रहे। महाकुंभनगर स्थित शंकराचार्य वासुदेवानंद के शिविर में आयोजित धर्म संसद में सुबह से ही मोदी सबकी जुबान पर थे।
कई संतों ने मंच से मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग उठाई और कहा कि देश के विकास के लिए मोदी का पीएम बनना जरूरी है। शिविर के अंदर जब संत ‘मोदी पीएम’ की मांग कर रहे थे, तब बाहर जुटी भारी भीड़, ‘मोदी लाओ, देश बचाओ’ नारा लगा रही थी। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मोदी का नाम लिए बगैर तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सके। जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य ने तो यहां तक कह दिया कि यूपीए-एनडीए नहीं, देश को अब मोदी चाहिए।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार सुबह गंगा स्नान के बाद कहा, ‘मैं यहां राजनीतिक चर्चा के लिए नहीं आया हूं। मोदी मेरे मित्र हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि साधु-संत उन्हें आशीर्वाद देंगे।’ लेकिन शाम को धर्म संसद खत्म होने से पहले उनका रुख साफ हो गया। मंच से उन्होंने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, यह लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन यह काम राजनीतिज्ञों का है और उन्हें करने दें।
भागवत ने आगे कहा कि इस वक्त भाजपा की ओर से पूरे देश में एक ही नाम गूंज रहा है। पार्टी इस पर गंभीरता से विचार करे। संघ देश में ऐसी शक्ति बनाना चाहता है तो हिंदुत्व को जागृत करे। भागवत की इन बातों का धर्म संसद में मौजूद दस हजार साधु-संतों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
सबसे पहले रामानुजाचार्य ने की चर्चा
धर्म संसद में मोदी के नाम की चर्चा सबसे पहले स्वामी कौशलेंद्र रामानुजाचार्य ने की। माइक संभालते ही उन्होंने कहा कि यूपीए-एनडीए नहीं, देश को अब मोदी चाहिए। उन्होंने मोदी के गुजरात मॉडल की चर्चा करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में चुनाव हुआ तो देश में मजबूत सरकार बनेगी।
स्वामी वासुदेवाचार्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की घोषणा होती है तो संत समाज पूरा समर्थन करेगा। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद ने कहा कि देश को विकास की राह पर ले जाने के लिए मोदी को ही पीएम बनना चाहिए। महामंडलेश्वर वेद भारती ने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश के लिए हनुमान साबित होंगे। स्वामी गोविंद गिरि ने धर्म संसद में मौजूद संतों से अपील की कि मोदी को ही प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया जाए।
आज बाबा रामदेव करेंगे बड़ी घोषणा
धर्म संसद के मंच से संतों की मांग और आरएसएस प्रमुख की सलाह का संदेश दूर तक जाएगा, यह तय है। महाकुंभ में मोदी को लेकर चर्चाएं यहीं खत्म नहीं होने वाली। माना जा रहा है कि स्वामी रामदेव ने आठ फरवरी को जिस बड़ी घोषणा के लिए कहा है, वह मोदी को पीएम के तौर पर समर्थन ही हो सकता है।