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उड़ान के दौरान भी 'सो' सकेंगे पायलट

Wed, 29 May 2013 12:54 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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उड़ान के दौरान पायलट विमान के कॉकपिट में खूब सो सकेंगे। यह सुनकर आप भले हैरान हों, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में पायलटों को यह छूट मिलने जा रही है।
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इसके तहत लंबी दूरी की उड़ान के दौरान थकान होने पर पायलट 40 मिनट की ‘झपकी’ ले सकेंगे। तब उनके साथी पायलट को विमान का पूरा नियंत्रण संभालना होगा।

दुनिया के कई प्रमुख देशों में ऐसे चलन को देखते हुए अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी ऐसे नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

नए नियमों के तहत तीन घंटे या उससे ज्यादा के हवाई सफर में विमान के पूरी तरह से उड़ान भर लेने के बाद और लैंडिंग से तीस मिनट पहले तक एक पायलट को थोड़ी देर के लिए झपकी लेने की छूट मिल जाएगी। उस दौरान दूसरा पायलट विमान को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखेगा।

हालांकि यह ‘नियंत्रित आराम’ चालीस मिनट से ज्यादा नहीं होगा। इस आराम के लिए कैप्टन की अनुमति जरूरी होगी। साथ ही मौसम भी बिल्कुल साफ होना चाहिए।

कई पायलट यूनियन फ्लाइट ड्यूटी समयसीमा में बदलाव की मांग कर रही थीं, जिसके बाद ये नियम बनाए गए हैं, जिससे पायलट थकान से निजात पा सकें और उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके। थकान नहीं रहने से पायलट उड़ान के दौरान सतर्क रह सकेंगे।
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दुनिया के कई देशों में पायलटों के लिए इस तरह की सुविधा काफी पहले से ही है। कई देशों में ‘नियंत्रित आराम’ करने की यह व्यवस्था 1992 में आए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक अध्ययन के बाद शुरू की गई थी।
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उस अध्ययन में कहा गया था कि लंबी उड़ान के दौरान अगर पायलट को 45 मिनट या उससे कुछ कम वक्त आराम करने को मिल जाए तो वह विमान बेहद सतर्कता से उड़ा सकता है।

अमेरिका और यूरोप समेत कई देशों में यही व्यवस्था लागू है। लेकिन केबिन क्रू के सदस्यों को सोने की इजाजत नहीं है।
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