फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC करेगा इस्तीफा देने वाले डिप्टी रजिस्ट्रार पर कार्रवाई

Mon, 03 Aug 2015 08:12 AM IST
राजीव सिन्हा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने याकूब की फांसी को लेकर इस्तीफा देने वाले डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अनूप सुरेंद्र नाथ के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


याकूब मेमन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न्यायिक जिम्मेदारी का परित्याग बताते हुए सुरेंद्र नाथ ने याकूब की फांसी के अगले दिन अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

अदालत प्रशासन ने डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर रहते हुए सुरेँद्र नाथ का याकूब मामले में सह-याचिकाकर्ता बनने को कदाचार माना है।

किसी मामले में नहीं बन सकते पक्षकार

प्रशासन का मानना है कि सुरेँद्र नाथ का यह करना काम की शर्तोँ का उल्लंघन है। याकूब मामले में डेथ पेनाल्टी रिसर्च प्रोजेक्ट ने भी याचिका दाखिल कर फांसी की सजा का विरोध किया था। सुरेंद्र नाथ डेथ पेनाल्टी रिसर्च प्रोजेक्ट के डायरेक्टर हैं।

अदालत प्रशासन नाथ के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है। गत वर्ष मई में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर काम कर रहे अनूप सुरेंद्र नाथ को प्रति नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में डिप्टी रजिस्ट्रार (शोध) बनाया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, याकूब मामले में नाथ के शामिल होने को सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। डिप्टी रजिस्ट्रार होने के नाते वह बगैर अनुमति के किसी मामले में व्यक्तिगत रूप से पक्षकार नहीं बन सकते, लेकिन न्होंने ऐसा किया।
विज्ञापन

गलत और भ्रामक है रिपोर्ट

सुरेंद्र नाथ को सुप्रीम कोर्ट के कॉनसॉलिडेटेड फंड से तनख्वाह दी जाती है। ऐसे में अगर उन्हें किसी मामले में पक्षकार  बनना था तो उसके लिए जरूरी अनुमति लेनी चाहिए थी। सूत्रों के मुताबिक, अदालत प्रशासन ने निर्णय लिया है कि वह  नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को सुरेंद्र नाथ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेगा।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल वीएसआर अवधानी ने इस रिपोर्ट का  खंडन किया है कि याकूब की फांसी के विरोध में सुरेंद्र नाथ ने इस्तीफा दिया है। सेक्रेटरी जनरल ने इस रिपोर्ट को गलत और भ्रामक बताया है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि सुरेंद्र नाथ ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वह लॉ यूनिवर्सिटी में अपने शोध के काम पर ध्यान देना चाहते हैं। सुरेंद्र नाथ ने यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में एक साल काम करने का अनुभव अच्छा रहा है
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें