दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल का मामला शांत हुए भी अभी कुछ समय ही बीता कि अब इलाके में डेंगू ने दस्तक दे दी है। एक व्यक्ति की तो डेंगू से मौत भी हो चुकी है। आनन फानन में प्रशासन ने यहां हाई अलर्ट भी घोषित करवा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बीमारी की रोकथाम के लिए उचित तैयारियां शुरू कर दी है।
फैजाबाद के खंडासा थाना क्षेत्र के बांसगांव निवासी जगजीवन रामशुक्ल (65) को बुखार आने पर 28 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में जांच के दौरान डेंगू होने की पुष्टि हुई है। बीते दिन उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सुपरिंटेंडेंट इन चीफ डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि डेंगू के प्रति एहतियात बरती जा रही है।
हालात पूरी तरह सामान्य
बीते 24 घंटों में शहर से लेकर देहात तक शांति रहन के चलते प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। दुकानें, प्रतिष्ठान व स्कूल-कॉलेज खुले रहे। वहीं शासन की ओर से बवाल, उपद्रव व आगजनी पर काबू पाने में लापरवाही के चलते हटाए गए अधिकारियों की जगह बुधवार को नये अधिकारियों ने कमान संभाल ली। बलरामपुर से पहुंचे धर्मेंद्र सिंह ने एसएसपी व लखनऊ से जनपद पहुंचे जिलाधिकारी अजय शुक्ला ने जिलाधिकारी पद की कमान संभाल ली है। दोनों अधिकारियों ने मातहतों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया है।
24 अक्तूबर की शाम चौक घंटाघर के पास दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए बवाल, आगजनी, तोड़फोड़ के बाद 25 तारीख की सुबह जिला मजिस्ट्रेट ने शहर क्षेत्र में कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी। बीते मंगलवार की सुबह छह बजे के बाद से प्रशासन ने कर्फ्यू पूरी तरह हटा लिया था। कर्फ्यू हटने के बाद कोतवाली क्षेत्र के ठठरइया मोहल्ले से हुई एक समुदाय के युवकों की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन व धर्मस्थल में तोड़फोड़ के आरोप के बाद एक बार फिर से शहर के हालात संजीदा हो गये थे।
शासन की ओर से देर शाम जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल व एसएसपी रमित शर्मा को हटा दिया गया था। बुधवार को दूसरी पहर बलरामपुर से स्थानांतरित होकर आये आईपीएस अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पद भार ग्रहण कर लिया तो शाम को लखनऊ से जनपद पहुंचे आईएएस अधिकारी अजय शुक्ल ने जिलाधिकारी पद का पदभार ग्रहण किया।
जिले की कमान संभालने के बाद दोनों अधिकारियों ने मातहतों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है और अमन बहाली की रणनीति पर मंथन किया है। वहीं बीते 24 घंटों में शहर से लेकर देहात तक किसी अप्रिय वारदात की खबर न होने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दुकानें, प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज खुले रहे और लोग आम दिनचर्या मे व्यस्त रहे।