अलग तेलंगाना राज्य पर मुहर लगने से पहले ही यूपीए समन्वय समिति की बैठक में उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की मांग उठ गई।
रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने बैठक में तेलंगाना पर चर्चा शुरू होने से पहले ही उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की मांग कर डाली।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह कह कर इस मुद्दे पर चर्चा को आगे बढ़ने से रोक दिया कि बैठक तेलंगाना के मसले पर बुलाई गई है।
बैठक के बाद अजीत सिंह ने यूपी के पुनर्गठन की मांग उठाने की बात स्वीकार की और अपनी मांग को जायज करार दिया।
मंगलवार को जैसे ही यूपीए समन्वय समिति की बैठक शुरू हुई अजित सिंह ने उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की मांग करते हुए छोटे राज्यों के फायदे गिनाने शुरू कर दिए।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक रूप से बड़े राज्य विकास के पैमाने पर खरे नहीं उतरते। ऐसे राज्यों में क्षेत्रीय समस्याओं को निपटाने में भी देरी होती है।
रालोद अध्यक्ष ने प्रशासनिक लिहाज से भी छोटे राज्य को बेहतर करार दिया। बताते हैं कि बैठक में इस मामले में खुद प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप किया।
पीएम ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन की बात सुन ली है, मगर आज की बैठक तेलंगाना पर फैसला लेने के लिए बुलाई गई है।
बैठक के बाद रालोद अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि उन्होंने यूपी के पुनर्गठन की मांग उठाई थी।
सिंह ने बताया कि उन्होंने सिर्फ पश्चिम उत्तर प्रदेश से संबंधित हरित प्रदेश की ही बात नहीं की, बल्कि बुंदेलखंड और पूर्वांचल का मुद्दा भी उठाया।