पेट्रोल के बढ़ते दाम के चलते जहां आम आदमी परेशान है। वहीं जनता के पैसे पर मंत्री से लेकर संतरी तक मौज कर रहे हैं।
दिल्ली में नेताओं और सरकारी अधिकारियों की गाड़ी एक साल में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का पेट्रोल पी जाती हैं।
टीएनएन के मुताबिक दिल्ली में अधिकारी स्तर पर ही एक माह में औसतन 2.65 लाख लीटर तेल की खपत हो जाती है।
वहीं रैंक वन के अधिकारियों को प्रत्येक माह 200 लीटर पेट्रोल मुफ्त दिया जाता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री को हर माह 700 लीटर मुफ्त पेट्रोल मिलता है।
मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव को 400 लीटर पेट्रोल दिया जाता है।
वहीं एसडीएम लेवल के अधिकारियों को 200 लीटर पेट्रोल मुफ्त दिया जाता है।
इस हिसाब से दिल्ली में ही सिर्फ एक माह में 230 करोड़ रुपए नेताओं और बाबुओं की गाड़ियों में भरने में खर्च हो जाते हैं।
कई पूर्व अधिकारी पेट्रोल के खर्च में नेताओं की अधिक गाड़ियों के काफिले को भी दोषी ठहराते हैं।
पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी टी एस आर सुब्रहमण्यम ने बताया कि एक बार एक मुख्यमंत्री के काफिले में 150 कारें शामिल थीं।
दिल्ली में सिर्फ सरकार के मंत्री ही 46,200 लीटर पेट्रोल खर्च कर देते हैं।